PF खातों के लिए बदला नियम. UAN नंबर लेना हुआ अनिवार्य. वेरिफिकेशन के लिये जारी हुआ नया सिस्टम.
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने खातों से अनधिकृत रकम निकालने पर अंकुश लगाने के लिए नए नियम लागू किए हैं। ईपीएफओ ने मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) में संशोधन करके निक्षय खातों के सत्यापन और अनुपालन को सख्त बनाने का निर्णय लिया है।
खातों का वर्गीकरण
संगठन ने खातों को दो वर्गों में बांटा है। 58 वर्ष से अधिक उम्र के सदस्य के खातों को “सामान्य निष्क्रिय खाते” कहा जाएगा। ऐसे खातों से जुड़ी राशि को संशोधित एसओपी के तहत अन्य खातों में स्थानांतरित किया जाएगा। यदि सदस्य 58 वर्ष से अधिक उम्र का हो और उसकी उम्र 55 वर्ष से अधिक हो लेकिन 58 से कम हो, तो उसके निष्क्रिय खाते से राशि अन्य खातों में भेजी जाएगी।
यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) अनिवार्य
नए नियमों के तहत सभी निक्षय खातों के लिए यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) अनिवार्य कर दिया गया है। जिस सदस्य के निक्षय खाते यूएएन से जुड़े नहीं हैं, उन्हें वार्षिक सत्यापन और फोटो दिखवाने के लिए ईपीएफओ कार्यालय में जाना होगा। इस प्रक्रिया का उद्देश्य फर्जी खातों में जमा रोकना है।
नई सत्यापन प्रक्रियाएं
संशोधित एसओपी के तहत, हर साल निक्षय खातों को सक्रिय करने के लिए डिजिटली और भौतिक फॉर्मों से अनुपालन किया जाएगा। फोटो आधार सत्यापन की आवश्यकता होगी। यदि खातों का सत्यापन फर्जी पाया जाता है, तो ऐसे खातों में अन्य खातों से राशि जमा करने का अधिकार ईपीएफओ को होगा।
सदस्य की मृत्यु होने पर
ईपीएफओ खातों के लिए, जहां सदस्यों की मृत्यु हो गई है, नागरिकों को यूएएन की पुष्टि के बिना लाभांश वितरण के लिए फॉर्म भरने की आवश्यकता होगी। नॉमिनी या हेम-पार्टनर के सत्यापन के बाद नॉमिनी को पीएफ लाभांश का हकदार बनाया जा सकता है।
केवाईसी अपडेट करना
जिस अकाउंट में यूएएन पहले से जुड़ा हुआ है लेकिन सही अपडेट नहीं है, वहां बैंक खातों के सही विवरण को दुरुस्त करने की प्रक्रिया अनिवार्य होगी। अन्य दस्तावेजों के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की मंजूरी आवश्यक होगी।



