West Asia Conflict: भारत में जरूरी सामानों की नहीं होगी कमी, PM Modi ने सुरक्षा समिति के साथ की बड़ी बैठक
पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच प्रधानमंत्री Narendra Modi ने रविवार, 22 मार्च 2026 को सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) की अध्यक्षता की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य युद्ध की स्थिति की समीक्षा करना और भारत पर पड़ने वाले इसके असर को कम करने के उपायों पर चर्चा करना था। पीएम मोदी ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि सरकारी तंत्र को मिलकर काम करना चाहिए ताकि आम नागरिकों को किसी भी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े।
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बैठक में क्या बड़े फैसले लिए गए?
प्रधानमंत्री ने इस संकट के प्रबंधन के लिए मंत्रियों के एक विशेष समूह (GoM) और सचिवों की समिति बनाने का निर्देश दिया है। सरकार का पूरा ध्यान इस बात पर है कि देश में जरूरी चीजों की सप्लाई चैन प्रभावित न हो। बैठक में पेट्रोलियम, बिजली और खाद जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि राज्यों के साथ उचित तालमेल बिठाया जाए ताकि बाजार में कालाबाजारी या जमाखोरी जैसी स्थिति पैदा न हो।
निर्यातकों और उद्योगों के लिए राहत के उपाय
युद्ध की वजह से समुद्री रास्तों में आ रही रुकावटों को देखते हुए सरकार ने कई कदम उठाए हैं। 19 मार्च 2026 को RELIEF नाम की एक नई पहल शुरू की गई है जो निर्यातकों को बढ़ते माल ढुलाई और बीमा खर्च से राहत देगी। इसके अलावा सरकार अब रसायन, फार्मा और पेट्रोकेमिकल जैसे क्षेत्रों के लिए कच्चे माल के नए स्रोतों की तलाश कर रही है।
प्रमुख अधिकारियों और मंत्रियों की भागीदारी
| पद | नाम |
|---|---|
| प्रधानमंत्री | Narendra Modi |
| राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार | Ajit Doval |
| पेट्रोलियम मंत्री | Hardeep Singh Puri |
| विदेश सचिव | Vikram Misri |
| CDS | General Anil Chauhan |
| खाद्य एवं उपभोक्ता मामले | Pralhad Joshi |
बैठक में यह भी बताया गया कि 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमलों के बाद से स्थिति तेजी से बदली है। सरकार ने पहले ही 2 मार्च से एक इंटर-मिनिस्ट्रियल ग्रुप सक्रिय कर रखा है जो हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर नजर बनाए हुए है।




