PM Modi Meet with CMs: ईरान युद्ध के बीच पीएम मोदी की मुख्यमंत्रियों के साथ बड़ी बैठक, पेट्रोल-डीजल की सप्लाई पर होगा फैसला
प्रधानमंत्री Narendra Modi आज शुक्रवार, 27 मार्च 2026 को शाम 6:30 बजे सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ एक अहम वर्चुअल बैठक करेंगे। इस बैठक का मुख्य मकसद पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और ईरान युद्ध के चलते भारत में ईंधन और जरूरी चीजों की सप्लाई को सुरक्षित बनाना है। सरकार ने साफ किया है कि वह देश की ऊर्जा सुरक्षा और आम जनता को मिलने वाले सामानों की कीमतों पर नजर रख रही है।
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बैठक का मुख्य एजेंडा और जरूरी बातें
इस बैठक में प्रधानमंत्री राज्यों के साथ मिलकर टीम इंडिया के तौर पर काम करने की रणनीति बनाएंगे। केंद्र सरकार चाहती है कि राज्यों के साथ तालमेल बिठाकर जरूरी सामानों की सप्लाई को बिना किसी रुकावट के जारी रखा जाए।
- ईरान और Strait of Hormuz में चल रहे तनाव की वजह से वैश्विक तेल सप्लाई पर असर पड़ा है।
- बैठक में तेल और अन्य जरूरी चीजों की सप्लाई चेन को मजबूत करने पर चर्चा होगी।
- विदेशों में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी राज्यों को अपडेट दिया जा सकता है।
- चुनाव वाले राज्यों जैसे केरल, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री इस बैठक का हिस्सा नहीं होंगे।
- उन राज्यों में कैबिनेट सचिवालय मुख्य सचिवों के जरिए बातचीत जारी रखेगा।
ईंधन और राशन की सप्लाई पर सरकार की क्या है तैयारी
सरकार ने जनता को भरोसा दिलाया है कि देश में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। पेट्रोलियम मंत्री Hardeep Singh Puri ने अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है और कहा है कि देश में लॉकडाउन लगाने जैसी कोई स्थिति नहीं है।
| विषय | सरकारी कदम और स्थिति |
|---|---|
| कच्चा तेल रिजर्व | भारत के पास लगभग 60 दिनों का स्टॉक मौजूद है। |
| LPG कोटा | राज्यों के लिए कमर्शियल LPG कोटा 20% तक बढ़ाया गया है। |
| एक्साइज ड्यूटी | तेल कंपनियों के नुकसान को कम करने के लिए एक्साइज ड्यूटी घटाई गई है। |
| आयात योजना | सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने हफ्तों पहले ही सप्लाई पक्की कर ली है। |
| कानूनी कार्रवाई | सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए Essential Commodities Act लागू किया गया है। |
आम आदमी और प्रवासियों पर क्या होगा असर
ईरान के साथ बढ़ते तनाव का सीधा असर उन भारतीय परिवारों पर पड़ता है जिनके सदस्य खाड़ी देशों में काम कर रहे हैं। सरकार ने संकेत दिए हैं कि वह खाड़ी देशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रही है। इसके अलावा देश के अंदर पेट्रोल और डीजल की कीमतों को स्थिर रखने की कोशिश की जा रही है ताकि महंगाई पर लगाम कसी जा सके। जम्मू और कश्मीर जैसे इलाकों में पेट्रोल पंपों पर भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से पैनिक न होने की सलाह दी है। सरकार की कोशिश है कि सप्लाई चेन में कोई भी अड़चन न आए ताकि गांव और शहर हर जगह सामान आसानी से पहुँच सके।




