Gulf Tension: खाड़ी देशों में बढ़ा युद्ध का खतरा, शांति कराने के लिए PM Modi निभा सकते हैं बड़ी भूमिका
खाड़ी देशों में इस वक्त तनाव काफी बढ़ गया है. यूएई पर हुए हालिया मिसाइल और ड्रोन हमले के बाद युद्ध का खतरा मंडरा रहा है. इन सब के बीच गल्फ के विशेषज्ञों का मानना है कि इस तनाव को कम करने में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक अहम भूमिका निभा सकते हैं. यूएई के राजदूत ने भी साफ कहा है कि भारत की बात को ईरान नजरअंदाज नहीं कर सकता.
खाड़ी देशों में अभी क्या हालात हैं
पिछले 24 घंटों में खाड़ी क्षेत्र में काफी चिंताजनक घटनाएं हुई हैं. ईरान की तरफ से दागे गए 9 बैलिस्टिक मिसाइल और 33 यूएवी को यूएई ने हवा में ही रोक दिया है. हालात को देखते हुए कई बड़े बदलाव किए गए हैं.
- लाल सागर और पश्चिम एशिया के समुद्री रास्तों में खतरा क्रिटिकल लेवल पर पहुंच गया है. पिछले दो हफ्ते में 17 जहाजों पर हमले हुए हैं.
- बढ़ते तनाव को देखते हुए बहरीन और सऊदी अरब में होने वाले फॉर्मूला 1 रेस को कैंसिल कर दिया गया है.
- यूएई के फुजैराह तेल हब में भी कामकाज काफी प्रभावित हुआ है.
- ईरान की सेना IRGC ने चेतावनी दी है कि अगर उनके बैंकों को निशाना बनाया गया, तो खाड़ी में मौजूद अमेरिकी बैंक शाखाओं पर भी हमले होंगे.
शांति के लिए PM Modi की भूमिका
यूएई के राजदूत अब्दुलनासर जमाल अलशाली ने साफ कहा है कि इस क्षेत्र में पीएम मोदी की आवाज बहुत मायने रखती है. कोई भी देश युद्ध नहीं चाहता है और कूटनीति से मामले को सुलझाने की पूरी कोशिश हो रही है. पीएम मोदी लगातार यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान और ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियन के सीधे संपर्क में हैं. भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भी बातचीत के जरिए जल्द से जल्द शांति बहाल करने की अपील की है.
प्रवासी भारतीयों पर क्या असर होगा
गल्फ देशों में लाखों भारतीय काम करते हैं और रहते हैं. भारत सरकार की कैबिनेट कमिटी ऑन सिक्योरिटी वहां रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा पर लगातार नजर बनाए हुए है. वहां रहने वालों के लिए सरकार ने कुछ बड़े कदम उठाए हैं.
- 14 मार्च को बेरूत से 177 भारतीयों को लेकर एक विशेष फ्लाइट दिल्ली पहुंच चुकी है.
- विदेश मंत्रालय ने एडवाइजरी जारी की है कि जरूरत पड़ने पर भारतीय नागरिक अजरबैजान या आर्मेनिया के जमीनी बॉर्डर का इस्तेमाल कर सकते हैं.
- सरकार ने साफ किया है कि गल्फ में रहने वाले आम नागरिकों की सुरक्षा भारत की सबसे बड़ी प्राथमिकता है.




