Pope Leo XIV का Donald Trump को संदेश: ईरान के साथ युद्ध खत्म करने के लिए निकालें रास्ता
Pope Leo XIV ने अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump से ईरान के साथ चल रहे संघर्ष को समाप्त करने के लिए एक कूटनीतिक रास्ता या ‘ऑफ-रैंप’ खोजने की अपील की है। अमेरिकी मूल के इस पोप ने क्षेत्र में फैल रहे युद्ध को रोकने के लिए बातचीत पर जोर दिया है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि White House हिंसा को कम करने और लोगों के जीवन को बचाने को सबसे बड़ी प्राथमिकता देगा।
वेटिकन और पोप की शांति की अपील
पोप ने Castel Gandolfo स्थित अपने आवास के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए यह चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि US-Israel और ईरान के बीच चल रहा यह संघर्ष ईस्टर के त्योहार से पहले ही रुक जाए। इससे पहले वेटिकन के वरिष्ठ सलाहकार Cardinal Pietro Parolin ने भी Donald Trump और इजरायली अधिकारियों से जल्द से जल्द शांति स्थापित करने का आग्रह किया था। पोप का मानना है कि हिंसा का यह चक्र बड़ी त्रासदी की ओर ले जा रहा है जिसे रोकना सबकी नैतिक जिम्मेदारी है।
युद्ध और शांति प्रयासों से जुड़ी मुख्य जानकारी
वर्तमान स्थिति को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई तरह के प्रयास और बयान सामने आए हैं। Donald Trump का मानना है कि ईरान की सैन्य ताकत को काफी नुकसान पहुँचा है, जबकि शांति के लिए अन्य देश प्रस्ताव ला रहे हैं।
| तारीख / पक्ष | प्रमुख घटना या बयान |
|---|---|
| 31 मार्च 2026 | Trump ने कहा कि ईरान में सैन्य अभियान 2-3 हफ्ते में खत्म हो सकता है। |
| 31 मार्च 2026 | China और Pakistan ने युद्ध रोकने के लिए 5 सूत्रीय शांति प्रस्ताव दिया। |
| 1 अप्रैल 2026 | Trump ने दावा किया कि ईरान की सेना को फिर से खड़ा होने में 15-20 साल लगेंगे। |
| 29 मार्च 2026 | पोप ने Palm Sunday पर कहा कि युद्ध करने वालों की प्रार्थना स्वीकार नहीं होती। |
| 18 मार्च 2026 | Cardinal Parolin ने ट्रंप को युद्ध खत्म करने के लिए संदेश भेजा। |
क्या कूटनीतिक समाधान संभव है?
Donald Trump ने हाल ही में संकेत दिया है कि वह ईरान के अधिकारियों के साथ किसी समझौते पर पहुँच सकते हैं। उनके अनुसार अमेरिका का मिशन ईरान की सैन्य क्षमता को कम करना था जो अब लगभग पूरा हो चुका है। दूसरी ओर, चीन और पाकिस्तान के प्रस्ताव में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही और तुरंत गोलीबारी रोकने की बात कही गई है। Pope Leo XIV, जो अमेरिका के पहले पोप हैं, लगातार इस बात पर जोर दे रहे हैं कि शांति ही एकमात्र रास्ता है और हथियारों के बजाय बातचीत को महत्व दिया जाना चाहिए।




