रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन से फोन पर बात की है। यह बातचीत उस समय हुई जब इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच शांति के लिए चल रही वार्ता बिना किसी नतीजे के खत्म हो गई। पुतिन ने साफ कहा कि रूस मध्य पूर्व में शांति लाने और विवाद सुलझाने के लिए पूरी मदद करने को तैयार है।

इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान की बातचीत क्यों नाकाम रही?

11 और 12 अप्रैल 2026 को पाकिस्तान के इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका के बीच उच्च स्तरीय बैठक हुई थी। इस बातचीत का मुख्य मकसद युद्धविराम को बनाए रखना और संघर्ष को खत्म करना था। अमेरिका के उपराष्ट्रपति J.D. Vance ने बताया कि ईरान परमाणु हथियार न बनाने की बात पर अपनी सहमति नहीं दे पाया, जिसकी वजह से यह समझौता नहीं हो सका।

पुतिन और पेज़ेशकियन की बातचीत में क्या बातें हुईं?

राष्ट्रपति पुतिन ने बातचीत के दौरान ईरान पर हुए अमेरिकी और इजरायली हमलों की निंदा की और इन्हें वैश्विक सुरक्षा के लिए खतरा बताया। उन्होंने कहा कि रूस एक राजनीतिक और कूटनीतिक समाधान खोजने के लिए मध्यस्थता करेगा। दूसरी ओर, राष्ट्रपति पेज़ेशकियन ने रूस के समर्थन और मानवीय सहायता के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि हमलों ने ईरान के लोगों के हौसले को और मजबूत किया है।

शांति वार्ता में ईरान और अमेरिका के बीच मुख्य विवाद क्या थे?

दोनों देशों के बीच कई मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाई, जिन्हें नीचे दी गई टेबल में समझा जा सकता है:

ईरान की मुख्य मांगें अमेरिका की मुख्य शर्तें
हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर नियंत्रण परमाणु हथियारों के निर्माण पर पूरी रोक
युद्ध के नुकसान का हर्जाना हॉर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों का मुफ्त रास्ता
इजरायल द्वारा हिजबुल्लाह पर हमलों की समाप्ति ईरान के परमाणु कार्यक्रम की कड़ी निगरानी