Qatar Flight Update: दोहा से 1000 भारतीय पहुंचे वतन, कल दिल्ली, मुंबई और कोच्चि के लिए चलेंगी विशेष फ्लाइट्स
पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच दोहा में फंसे भारतीय नागरिकों की वतन वापसी की प्रक्रिया तेज हो गई है। पिछले तीन दिनों में करीब 1,000 भारतीय सुरक्षित भारत लौट चुके हैं। सोमवार, 9 मार्च को कतर एयरवेज की एक विशेष फ्लाइट 300 से ज्यादा यात्रियों को लेकर दिल्ली पहुंची। भारत सरकार और कतर स्थित भारतीय दूतावास लगातार वहां फंसे लोगों और ट्रांजिट यात्रियों की मदद करने में जुटे हैं।
10 मार्च के लिए उड़ानों का नया शेड्यूल और जानकारी
कतर एयरवेज ने 10 मार्च 2026 को भारत के तीन बड़े शहरों के लिए विशेष उड़ानें निर्धारित की हैं। ये उड़ानें दिल्ली, मुंबई और कोच्चि के लिए रवाना होंगी। जो यात्री ट्रांजिट में फंसे हैं या जिनका शॉर्ट-टर्म वीजा है, उन्हें इन उड़ानों में प्राथमिकता दी जा रही है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे भारतीय दूतावास के आधिकारिक हैंडल पर दिए गए लिंक के जरिए अपना रजिस्ट्रेशन जरूर करा लें ताकि उन्हें सीट मिलने में आसानी हो सके।
वीजा नियम और वतन वापसी के अन्य विकल्प
भारत सरकार ने साफ किया है कि नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। कतर सरकार ने भी सहयोग करते हुए सभी श्रेणियों के एंट्री वीजा की अवधि को एक महीने के लिए बढ़ा दिया है। जिन लोगों के वीजा खत्म हो रहे थे, उन्हें अब 28 फरवरी 2026 से एक महीने की छूट दी गई है। इसके अलावा जिन भारतीयों के पास सऊदी अरब का वैध वीजा है, वे सलवा लैंड बॉर्डर का इस्तेमाल कर सऊदी जा सकते हैं और वहां से भारत के लिए फ्लाइट ले सकते हैं।
वतन वापसी और सुरक्षा से जुड़ी मुख्य बातें
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| कुल वापसी (पिछले 3 दिन) | लगभग 1,000 भारतीय नागरिक |
| 10 मार्च की उड़ानें | दिल्ली, मुंबई और कोच्चि |
| वीजा विस्तार | 1 महीने के लिए वैध |
| हेल्पलाइन सुविधा | दोहा और दुबई में 24/7 चालू |
| किराया नियंत्रण | नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा मॉनिटरिंग |
| विशेष अनुमति | Qatar Civil Aviation Authority द्वारा मंजूर |
विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने राज्यसभा में बताया कि पूरे क्षेत्र से अब तक करीब 67,000 भारतीयों की वापसी हो चुकी है। मंत्रालय लगातार एयरलाइंस के संपर्क में है ताकि संकट के इस समय में टिकटों की कीमतों में कोई बेतहाशा बढ़ोतरी न हो। नागरिकों को कतर के गृह मंत्रालय के नियमों का पालन करने और सुरक्षा स्थिति से जुड़ी कोई भी फोटो सोशल मीडिया पर साझा न करने की सलाह दी गई है।





