Qatar के पूर्व PM का बड़ा बयान, Netanyahu चाहते हैं खाड़ी देशों को Iran के साथ युद्ध में घसीटना
कतर के पूर्व प्रधानमंत्री Sheikh Hamad bin Jassim Al Thani (HBJ) ने क्षेत्र में बढ़ते तनाव को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने BBC Arabic को दिए इंटरव्यू में बताया कि इजरायली प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu जानबूझकर खाड़ी देशों को ईरान के साथ सीधी जंग में खींचना चाहते हैं। उन्होंने आगाह किया कि ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच चल रहे इस टकराव में किसी भी पक्ष की निर्णायक जीत होना मुमकिन नहीं है।
पूर्व प्रधानमंत्री ने इंटरव्यू में क्या बातें साझा की?
Sheikh Hamad के अनुसार, वर्तमान सैन्य अभियान बिना किसी ठोस गणना के शुरू किए गए थे। उन्होंने कहा कि यह सोचना एक बड़ी गलती है कि ईरान पर हमला करने से वहां कोई आंतरिक विद्रोह शुरू हो जाएगा या कोई बहुत जल्दी जीत मिल जाएगी। उनका मानना है कि हालांकि ईरान को काफी नुकसान हुआ है, लेकिन वह उस तरह से सरेंडर नहीं करेगा जैसा इजरायल या अमेरिका उम्मीद कर रहे हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि खाड़ी देशों को इस पूरे विवाद में जबरदस्ती घसीटने की कोशिश की जा रही है।
कतर में सुरक्षा के मौजूदा हालात और नए नियम
कतर सरकार इस पूरे हालात पर पैनी नजर रखे हुए है और सुरक्षा को लेकर सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। गृह मंत्रालय ने सुरक्षा से जुड़ी गलत जानकारी और अफवाहें फैलाने के आरोप में अब तक 313 लोगों को गिरफ्तार किया है। सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि स्थिति अब स्थिर है और कतर के एयर डिफेंस ने 10 में से 9 ईरानी ड्रोन्स को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट किया है। निवासियों को सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें और बिना जरूरत घर से बाहर न निकलें।
युद्ध से जुड़े कुछ मुख्य तथ्य और घटनाक्रम
| प्रमुख घटना | तारीख और विवरण |
|---|---|
| युद्ध की शुरुआत | 28 फरवरी 2026 को अमेरिका-इजरायल के ईरान पर हमले |
| ईरानी जवाबी कार्रवाई | मार्च की शुरुआत में खाड़ी देशों पर मिसाइल और ड्रोन हमले |
| अफवाहों पर कार्रवाई | 14 मार्च 2026 को 313 लोगों की गिरफ्तारी हुई |
| BBC इंटरव्यू | 16 मार्च 2026 को Sheikh Hamad का बयान जारी हुआ |




