US-Iran विवाद: पाकिस्तान में फिर होगी बातचीत, कतर ने दिया समर्थन, हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में अमेरिकी नाकाबंदी जारी
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है और अब सबकी नजरें पाकिस्तान पर टिकी हैं। इस्लामाबाद में हुई हाई-लेवल मीटिंग में कोई समझौता नहीं हो पाया, जिसके बाद अमेरिका ने ईरान के समुद्री रास्तों की नाकाबंदी कर दी है। अब कतर इस मामले में बीच-बचाव कर रहा है ताकि तनाव कम हो और जहाजों की आवाजाही फिर से शुरू हो सके।
कतर ने ईरान और अमेरिका के बीच क्या कोशिशें कीं?
कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान अल थानी ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची से फोन पर बात की। उन्होंने ईरान से अपील की कि वह पाकिस्तान की अगुवाई में हो रही बातचीत में हिस्सा ले। कतर चाहता है कि बातचीत के जरिए विवाद सुलझाया जाए ताकि हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोला जा सके और व्यापारिक जहाजों को परेशानी न हो। कतर ने साफ किया कि समुद्री रास्तों को दबाव बनाने के लिए इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री का दौरा और आगे की योजना
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ 14 अप्रैल 2026 को सऊदी अरब, कतर और तुर्किये का दौरा करेंगे। इस यात्रा का मकसद क्षेत्र में शांति बहाल करना और अमेरिका-ईरान के बीच अगली बातचीत का रास्ता साफ करना है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने बताया है कि दोनों देशों के बीच बातचीत का नया दौर जल्द शुरू हो सकता है। हालांकि, पिछले दौर की बातचीत में लेबनान के मुद्दे को एक सौदेबाजी के तौर पर इस्तेमाल करने की खबरें भी आई हैं।
विवाद में शामिल मुख्य देशों की भूमिका
| देश/अधिकारी | भूमिका और स्थिति |
|---|---|
| कतर | बीच-बचाव करने और कूटनीतिक प्रयासों का समर्थन करने वाला देश। |
| पाकिस्तान | अमेरिका और ईरान के बीच मुख्य मध्यस्थ के तौर पर काम कर रहा है। |
| अमेरिका | ईरानी बंदरगाहों की समुद्री नाकाबंदी लागू की है। |
| ईरान | अमेरिकी नाकाबंदी का सामना कर रहा है और बातचीत में शामिल है। |
| शहबाज शरीफ | पाकिस्तान के पीएम जो क्षेत्रीय स्थिरता के लिए तीन देशों का दौरा कर रहे हैं। |




