Qatar University Warning: ईरान युद्ध के कारण खाद की सप्लाई ठप, आने वाले महीनों में महंगा होगा खाना
ईरान पर अमेरिका और इजरायल के बीच चल रहे संघर्ष के कारण खाद की सप्लाई में बड़ी रुकावट आई है। इसकी वजह से आने वाले कई महीनों तक दुनिया भर में खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ने की संभावना जताई गई है। कतर यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अब्दुल्ला बंदर अल-इतेबी का कहना है कि खाड़ी देश अप्रत्यक्ष रूप से पूरी दुनिया का पेट भरते हैं और यहाँ आई किसी भी बाधा का सीधा असर हर घर की रसोई पर पड़ेगा। ऊर्जा की बढ़ती कीमतें और सप्लाई में कमी इस समस्या को और भी गंभीर बना रही हैं।
खाद की कीमतों में कितनी बढ़ोतरी हुई है और इसका क्या असर होगा?
हॉरमुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के माध्यम से दुनिया का एक तिहाई खाद व्यापार होता है, जो इस युद्ध की वजह से प्रभावित हुआ है। कतर एनर्जी ने मिसाइल हमले के बाद अपने उत्पादन को निलंबित कर दिया है, जिससे यूरिया और अमोनिया जैसी जरूरी चीजों के दाम आसमान छू रहे हैं। नीचे दी गई टेबल में मौजूदा कीमतों और असर को देखा जा सकता है:
| सामान का नाम | कीमत / स्थिति | बढ़ोतरी का प्रतिशत |
|---|---|---|
| यूरिया (प्रति टन) | $720 | 50% की बढ़त |
| अमोनिया (प्रति टन) | $600 | लगभग 52% सालाना |
| चावल और मक्का | बढ़ते दाम | 10 से 16% |
| खाद्य तेल (Edible Oil) | बढ़ते दाम | 5 से 7% |
भारत और अन्य विकासशील देशों पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा?
विश्व बैंक और खाद्य संगठन (FAO) के अनुसार खाद की कीमतों में होने वाली 1% की बढ़ोतरी वैश्विक खाद्य कीमतों को 0.45% तक बढ़ा देती है। भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे देशों में खेती के लिए खाद की उपलब्धता कम होने से किसानों की लागत बढ़ेगी और अनाज महंगा होगा। इसके कुछ मुख्य कारण यहाँ दिए गए हैं:
- प्राकृतिक गैस और तेल की बढ़ती कीमतों के कारण कई देशों में खाद बनाने वाली फैक्ट्रियां बंद हो गई हैं।
- खाड़ी देश दुनिया की लगभग 33% सल्फर और 25% अमोनिया की सप्लाई करते हैं।
- संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि खाद के स्टॉक की कमी से अफ्रीका और दक्षिण एशिया में खाद्य संकट पैदा हो सकता है।
- कतर के रास लफ़ान केंद्र पर हमले के बाद वैश्विक LNG क्षमता का 17% हिस्सा प्रभावित हुआ है।
- विशेषज्ञों के अनुसार इस साल वैश्विक स्तर पर खाने की कीमतों में 2% तक की और बढ़ोतरी हो सकती है।
- स्टॉक की अंतरराष्ट्रीय कमी के कारण खाद का कोई तुरंत विकल्प मौजूद नहीं है।




