QatarEnergy CEO की चेतावनी: ईरान पर हमले से कतर को 20 अरब डॉलर का नुकसान, दुनिया में मचेगा गैस का हाहाकार
QatarEnergy के CEO Saad al-Kaabi ने खुलासा किया है कि उन्होंने अमेरिका को ईरान के एनर्जी ठिकानों पर हमला न करने की बार-बार चेतावनी दी थी। उन्होंने आगाह किया था कि ऐसे हमलों के नतीजे बेहद खराब होंगे और इससे कतर के अपने गैस इंफ्रास्ट्रक्चर को खतरा पैदा हो जाएगा। 19 मार्च 2026 को कतर के Ras Laffan इंडस्ट्रियल सिटी पर हुए मिसाइल हमलों के बाद अब दुनिया भर में गैस की सप्लाई पर बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
गैस प्लांट को हुए नुकसान का मुख्य डेटा
ईरान द्वारा किए गए इस हमले में कतर के सबसे बड़े LNG कॉम्प्लेक्स को भारी नुकसान पहुँचा है। इस घटना के बाद कतर की ऊर्जा सप्लाई की क्षमता काफी कम हो गई है। इसके मुख्य आंकड़े नीचे दिए गए हैं:
| नुकसान का विवरण | प्रभाव की जानकारी |
|---|---|
| LNG एक्सपोर्ट क्षमता | 17% की गिरावट (12.8 मिलियन टन सालाना) |
| सालाना राजस्व नुकसान | करीब 20 अरब डॉलर का अनुमान |
| मरम्मत का समय | 3 से 5 साल तक लग सकते हैं |
| प्रभावित होने वाले देश | इटली, बेल्जियम, चीन और दक्षिण कोरिया |
| प्रोजेक्ट में देरी | North Field एक्सपेंशन में 1 साल की देरी संभव |
अमेरिका और इजराइल की इस पर क्या है प्रतिक्रिया?
White House के प्रवक्ता Taylor Rogers ने कतर के दावों पर जवाब देते हुए कहा कि राष्ट्रपति Trump की टीम को सप्लाई में होने वाली इन रुकावटों का पहले से अंदाजा था। उन्होंने इसे ऑपरेशन के दौरान होने वाली अस्थायी समस्या बताया है। दूसरी तरफ इजराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने पुष्टि की है कि उन्होंने ईरान पर हमले से पहले अमेरिका को जानकारी नहीं दी थी।
कतर के प्रधानमंत्री Sheikh Mohammed bin Abdulrahman Al Thani ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि इससे ग्लोबल एनर्जी सप्लाई पर बहुत बुरा असर पड़ेगा। गनीमत यह रही कि हमले से पहले ही प्लांट से 10,000 कर्मचारियों को सुरक्षित निकाल लिया गया था जिससे किसी की जान नहीं गई। फिलहाल कतर कई देशों के साथ अपने गैस कॉन्ट्रैक्ट्स पर ‘फोर्स मेज्योर’ लागू करने की तैयारी में है जिसका सीधा मतलब है कि वह अब गैस देने में असमर्थ हो सकता है।




