Ramadan Umrah 2026: सऊदी में उमड़ी ऐतिहासिक भीड़, 1 दिन में पहुंचे 9 लाख लोग, फ्लाइट्स हुई फुल
इस साल रमजान 2026 के दौरान सऊदी अरब में उमराह करने वालों की संख्या ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से सऊदी जाने वाली फ्लाइट्स लगभग पूरी तरह से फुल चल रही हैं। उमराह यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए हवाई टिकटों के दाम भी बढ़ गए हैं, और सऊदी सरकार ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कुछ कड़े नियम भी लागू किए हैं।
क्या है फ्लाइट्स और भीड़ का ताज़ा हाल?
सऊदी अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस रमजान सीजन में एक ही दिन में 9 लाख 4 हजार लोगों ने उमराह किया है, जो अपने आप में एक ऐतिहासिक आंकड़ा है। पिछले 18 दिनों में जेद्दा, मदीना, यानबू और ताइफ के हवाई अड्डों से करीब 34 लाख यात्री गुजरे हैं।
UAE के ट्रैवल एजेंटों का कहना है कि रमजान के बचे हुए दिनों के लिए सऊदी जाने वाली अधिकतर फ्लाइट्स फुल हैं। लोग वीजा मिलते ही तुरंत टिकट बुक कर रहे हैं। इस बार टूरिस्ट वीजा बहुत तेजी से, मात्र दो दिनों में मिल रहा है, जिससे उमराह पर जाने वालों की तादाद और बढ़ गई है।
कितना है उमराह पैकेज का खर्चा?
फ्लाइट्स की डिमांड बढ़ने से उमराह पैकेज की कीमतों में भी उछाल आया है। हवाई जहाज के जरिए जाने वाले यात्रियों को अब ज्यादा जेब ढीली करनी पड़ रही है। काम की व्यस्तता और बढ़ते खर्च को देखते हुए लोग अब छोटे ट्रिप प्लान कर रहे हैं।
- प्रीमियम एयर पैकेज: लगभग 8,000 दिरहम (पिछले साल से 25% महंगा)।
- स्टैंडर्ड एयर पैकेज: 3,500 से 5,200 दिरहम के बीच।
- बस पैकेज: 10 दिनों की यात्रा के लिए 1,350 से 3,000 दिरहम।
- ट्रेंड: 4 दिनों वाले छोटे पैकेज (2 रात मक्का, 2 रात मदीना) सबसे ज्यादा बिक रहे हैं।
हवाई टिकट महंगा होने की वजह से, कई UAE निवासी अपनी निजी गाड़ियों से सड़क के रास्ते भी सऊदी जा रहे हैं, जिससे बॉर्डर पर काफी ट्रैफिक देखा जा रहा है।
यात्रियों के लिए सऊदी सरकार के कड़े नियम
भीड़ को संभालने के लिए सऊदी मंत्रालय ने ‘एक रमजान, एक उमराह’ का नियम सख्ती से लागू कर दिया है। इसका मतलब है कि कोई भी व्यक्ति पूरे रमजान महीने में सिर्फ एक बार ही उमराह कर सकता है। इसकी निगरानी डिजिटल तरीके से ‘नुसुक ऐप’ (Nusuk App) के जरिए की जा रही है।
ग्रैंड मस्जिद में प्रवेश के लिए नुसुक परमिट अनिवार्य है। इसके अलावा, सभी यात्रियों के लिए मेनिनजाइटिस और इन्फ्लूएंजा का वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट साथ रखना जरूरी है। भीड़ को मैनेज करने के लिए मस्जिद के गेट पर डिजिटल लाइट सिस्टम लगाया गया है—हरी लाइट का मतलब जगह खाली है और लाल का मतलब अंदर जगह फुल है।




