सऊदी में Red Sea Global का बड़ा काम, अल वजह लैगून में लगाए 5,000 लाल मैंग्रोव के पौधे
Red Sea Global (RSG) ने सऊदी अरब में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। कंपनी ने 24 फरवरी 2026 को घोषणा की है कि उन्होंने अल वजह लैगून (Al Wajh Lagoon) में 5,000 से अधिक लाल मैंग्रोव (Red Mangrove) के पौधे सफलतापूर्वक लगाए हैं। यह कदम सऊदी अरब के तटीय इलाकों को हरा-भरा बनाने और दुर्लभ समुद्री पारिस्थितिक तंत्र को बचाने की कोशिशों का एक अहम हिस्सा है। इस प्रोजेक्ट में स्थानीय समुदाय और वॉलंटियर्स ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है।
कैसे तैयार हुए ये खास ‘कंदल’ पौधे?
इन लाल मैंग्रोव को स्थानीय भाषा में ‘कंदल’ (Qandal) कहा जाता है। इन पौधों को सीधे समुद्र में नहीं लगाया गया, बल्कि पहले एक विशेष नर्सरी में इनकी देखभाल की गई। RSG के मुताबिक, बीज से पौधा बनने तक इन्हें करीब आठ महीने तक नर्सरी में पाला गया।
जब ये पौधे 80 सेंटीमीटर लंबे हो गए और इनके जीवित रहने की संभावना 99% पक्की हो गई, तब इन्हें लैगून में शिफ्ट किया गया। सुरक्षा के लिहाज से नर्सरी में 24 घंटे निगरानी रखी जाती है ताकि शैवाल (algae), चरने वाले जानवरों और समुद्र की तेज लहरों से इन्हें बचाया जा सके। इस काम में Leaf Global और National Center for Vegetation Cover (NCVC) ने भी अहम भूमिका निभाई है।
2030 तक 50 मिलियन पेड़ लगाने का लक्ष्य
RSG का यह काम सिर्फ 5,000 पेड़ों तक सीमित नहीं है। कंपनी ने 2030 तक कुल 50 मिलियन (5 करोड़) मैंग्रोव पेड़ लगाने का लक्ष्य रखा है। लाल मैंग्रोव के अलावा, कंपनी ने पहले ही 30 लाख (3 million) ग्रे मैंग्रोव (Grey Mangroves) लगा दिए हैं।
पर्यावरण के जानकार बताते हैं कि मैंग्रोव के जंगल सामान्य जंगलों की तुलना में 5 से 10 गुना ज्यादा कार्बन सोखने की क्षमता रखते हैं। यह सऊदी ग्रीन इनिशिएटिव (SGI) के तहत देश के कार्बन उत्सर्जन को कम करने में मदद करेगा। आने वाले समय में ये मैंग्रोव पार्क पर्यटकों के लिए भी खोले जाएंगे, जहां लोग कयाकिंग और नेचर टूर का आनंद ले सकेंगे।




