यूक्रेन की राजधानी कीव पर रूस द्वारा किए गए अब तक के सबसे भीषण हवाई हमलों में से एक के दौरान कतर के दूतावास को भारी नुकसान पहुंचा है। 8-9 जनवरी, 2026 की दरमियानी रात को हुए इस हमले ने न केवल यूक्रेन के बुनियादी ढांचे को हिला दिया, बल्कि राजनयिक मिशनों की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि एक रूसी ड्रोन ने सीधे तौर पर कतर के दूतावास की इमारत को निशाना बनाया। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब कतर दोनों देशों के बीच कैदियों की अदला-बदली और महत्वपूर्ण वार्ताओं में एक प्रमुख मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। जेलेंस्की ने इस कृत्य को गंभीर बताते हुए दुनिया से, विशेषकर अमेरिका से, इस पर स्पष्ट और कड़ी प्रतिक्रिया देने की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसे हमलों को रोका जा सके।
रूस ने एक ही रात में दागे 242 ड्रोन और दर्जनों मिसाइलें, रिहायशी इमारतों और बचाव दल को निशाना बनाने की ‘डबल-टैप’ रणनीति से एम्बुलेंस कर्मी की मौत और कई घायल
इस हमले की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि रूस ने एक साथ 242 ड्रोन, 13 बैलिस्टिक मिसाइलें, 22 क्रूज मिसाइलें और एक ओरेश्निक (Oreshnik) मिसाइल दागी। इस संयुक्त हमले ने कीव और उसके आसपास के इलाकों में ऊर्जा और नागरिक बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया है। दुखद रूप से, इस हमले में कम से कम एक एम्बुलेंस कर्मी की जान चली गई और दर्जनों लोग घायल हो गए। रिपोर्टों के अनुसार, रूस ने एक ही स्थान पर दोबारा हमला करने की रणनीति अपनाई, जिससे रिहायशी इमारत पर पहुंचे बचाव दल और एम्बुलेंस कर्मचारी भी इसकी चपेट में आ गए। जहां यूक्रेनी वायु रक्षा प्रणाली ने कई हमलों को नाकाम किया, वहीं मलबे की सफाई और राहत कार्य के दौरान कतर दूतावास के क्षतिग्रस्त होने की पुष्टि हुई।
कतर की मध्यस्थता भूमिका का हवाला देते हुए जेलेंस्की ने अमेरिका और विश्व समुदाय से मांगी स्पष्ट प्रतिक्रिया, कहा- रूस को कूटनीति के बजाय विनाश को चुनने की कीमत चुकानी होगी
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कतर के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह खाड़ी देश रूस के साथ कैदियों की अदला-बदली और मानवीय मुद्दों को सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, इसके बावजूद उसके राजनयिक परिसर को निशाना बनाया गया। जेलेंस्की ने अपने सहयोगियों और पश्चिमी देशों से एयर डिफेंस सिस्टम की आपूर्ति को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि हथियारों की डिलीवरी या उत्पादन में एक भी दिन की देरी भारी पड़ सकती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सहयोगियों को इस खतरे के बारे में पूरी तरह सूचित किया जाना चाहिए और रूस को यह संदेश मिलना चाहिए कि कूटनीति पर विनाश को प्राथमिकता देने के गंभीर परिणाम होंगे।
राजनयिक मिशनों पर हमलों का पुराना पैटर्न फिर हुआ उजागर, पहले अजरबैजान और अब कतर के दूतावास को निशाना बनाने के बाद अंतरराष्ट्रीय कानूनों के उल्लंघन पर गहरी चिंता
यह घटना राजनयिक स्थलों पर रूसी हमलों के एक चिंताजनक पैटर्न का हिस्सा मानी जा रही है। इससे पहले नवंबर 2025 में अजरबैजान के दूतावास को भी इसी तरह के हमलों में नुकसान पहुंचा था। कतर दूतावास पर हुए इस ताजा हमले के बाद, अभी तक कतर या रूस की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन इस घटना ने खाड़ी देशों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान अपनी ओर खींचा है। कतर ने अतीत में ऊर्जा वार्ता और युद्धबंदियों की रिहाई में एक सफल मध्यस्थ के रूप में कार्य किया है, जिससे इस हमले की संवेदनशीलता और भी बढ़ जाती है। फिलहाल कीव में मलबे को हटाने और नुकसान का आकलन करने का काम युद्धस्तर पर जारी है।




