अमेरिका और इजरायल की ईरान के साथ चल रही जंग के बीच वैश्विक तेल बाजार में बड़ा बदलाव आया है। राष्ट्रपति Donald Trump ने रूसी तेल पर लगे प्रतिबंधों में अस्थायी रूप से ढील देने का फैसला किया है। इस फैसले के बाद रूस को आर्थिक रूप से बड़ा फायदा होने की उम्मीद है, क्योंकि दुनिया भर के देश अब रूसी तेल खरीदने के लिए जहाजों और टैंकरों का इंतजाम कर रहे हैं। ईरान की तरफ से सप्लाई रुकने के बाद बाजार में तेल की भारी कमी महसूस की जा रही थी।

ट्रंप सरकार ने रूसी तेल पर पाबंदी क्यों कम की?

US Treasury Secretary Scott Bessent ने बताया कि वैश्विक बाजार में तेल की बढ़ती कीमतों को काबू में करने के लिए यह कदम उठाया गया है। ईरान द्वारा Strait of Hormuz बंद किए जाने के बाद दुनिया में तेल की किल्लत पैदा हो गई थी। अमेरिका ने एक 30 दिनों का विशेष लाइसेंस जारी किया है, जिससे समुद्र में मौजूद रूसी कच्चे तेल को खरीदा जा सकेगा। सरकारी अधिकारियों का मानना है कि इससे सप्लाई की कमी दूर होगी और आम जनता को महंगे ईंधन से राहत मिलेगी।

इस फैसले का यूक्रेन और अन्य देशों पर क्या असर होगा?

यूक्रेन के राष्ट्रपति Zelenskyy ने इस फैसले की कड़ी आलोचना की है। उनका मानना है कि इससे रूस को करीब 10 अरब डॉलर की अतिरिक्त कमाई होगी, जिसका इस्तेमाल युद्ध में किया जा सकता है। वहीं जर्मनी ने भी मौजूदा समय में प्रतिबंधों में ढील देने को गलत बताया है। दूसरी तरफ, भारत जैसे देशों के लिए यह राहत की खबर मानी जा रही है क्योंकि US Treasury ने भारत को रूसी तेल की डिलीवरी लेने की अनुमति दे दी है। मॉस्को ने इस फैसले को बाजार की मजबूरी और रूस की अहमियत बताया है।

ईरान और तेल बाजार से जुड़ी मुख्य जानकारी

विषय ताज़ा अपडेट
रूसी तेल पर छूट 30 दिनों का अस्थायी लाइसेंस जारी
फंसा हुआ ईरानी तेल करीब 140 मिलियन बैरल समुद्र में मौजूद
सप्लाई में रुकावट Strait of Hormuz बंद होने से संकट
अमेरिकी सैन्य ऑपरेशन ईरान के खिलाफ Operation Epic Fury जारी
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.