Strait of Hormuz में तनाव बढ़ा, अमेरिका ने भेजे युद्धपोत और शुरू की माइन क्लियरिंग, ईरान ने दावों को नकारा
अमेरिका और ईरान के बीच Strait of Hormuz को लेकर एक बार फिर तकरार शुरू हो गई है। US मिलिट्री ने दावा किया है कि उनके दो युद्धपोत इस समुद्री रास्ते से गुजरे हैं और वहां बिछाई गई बारूदी सुरंगों (mines) को हटाने का काम शुरू कर दिया है। दूसरी तरफ ईरान ने इन दावों को पूरी तरह गलत बताया है। यह पूरा मामला तब सामने आया है जब दोनों देश पाकिस्तान में शांति वार्ता कर रहे हैं।
अमेरिका और ईरान के दावों में क्या अंतर है?
US मिलिट्री कमांड (CENTCOM) ने बताया कि USS Frank E. Peterson और USS Michael Murphy नाम के दो गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर इस रास्ते से गुजरे। Adm. Brad Cooper ने कहा कि यह ऑपरेशन समुद्री रास्ते को सुरक्षित बनाने के लिए किया गया क्योंकि ईरान की IRGC ने वहां माइन्स बिछा रखी थीं। वहीं ईरान के प्रवक्ता Ebrahim Zolfaghari ने इन बातों को नकारा और कहा कि इस रास्ते पर पूरा अधिकार ईरान का है। ईरानी मीडिया ने तो यहाँ तक दावा किया कि एक अमेरिकी जहाज चेतावनी मिलने के बाद वापस लौट गया।
इस विवाद में अब तक क्या-क्या हुआ?
| तारीख | मुख्य घटना |
|---|---|
| 8 अप्रैल 2026 | पाकिस्तान की मध्यस्थता से अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते का युद्धविराम हुआ |
| 9 अप्रैल 2026 | ईरान ने कहा कि वह दिन में केवल 15 जहाजों को ही रास्ता देगा |
| 10 अप्रैल 2026 | ईरान ने जहाजों से टोल टैक्स वसूलने पर विचार किया |
| 11 अप्रैल 2026 | US ने माइन क्लियरिंग का दावा किया, जबकि ईरान ने इसे सिरे से नकारा |
शांति वार्ता और आम व्यापार पर क्या होगा असर?
Strait of Hormuz दुनिया के व्यापार के लिए एक बहुत जरूरी रास्ता है, जो फरवरी 2026 से काफी हद तक बंद रहा है। फिलहाल पाकिस्तान के इस्लामाबाद में अमेरिकी और ईरानी अधिकारियों के बीच आमने-सामने बातचीत शुरू हो गई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने रास्ते को साफ करना शुरू कर दिया है। अगर यह रास्ता पूरी तरह नहीं खुलता है, तो अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और तेल की सप्लाई पर बुरा असर पड़ सकता है।




