सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए केंद्र सरकार एक नई वायरलेस तकनीक लाने की तैयारी कर रही है। इस तकनीक के लागू होने के बाद अब गाड़ियों में एक खास डिवाइस लगेगा, जिससे हादसा होने से पहले ही ड्राइवर को बीप बजने पर अलर्ट मिल जाएगा। यह नई सुविधा यात्रियों और वाहन चालकों के लिए काफी मददगार साबित होगी।
कैसे काम करेगी यह नई तकनीक
इस नई व्हीकल-टू-व्हीकल (V2V) कम्युनिकेशन तकनीक के तहत हर गाड़ी में एक ‘ऑन-बोर्ड यूनिट’ लगाई जाएगी। यह यूनिट आसपास चल रहे बाकी वाहनों से लगातार डेटा का आदान-प्रदान करती रहेगी। अगर आपके आगे या पीछे कोई गाड़ी अनियंत्रित होकर चल रही है, या अचानक ब्रेक लगाती है, तो आपकी गाड़ी में तुरंत बीप बजेगी और आपको अलर्ट मिल जाएगा। इससे आपको समय पर प्रतिक्रिया करने का मौका मिलेगा।
आसपास की गाड़ियों की जानकारी
यह तकनीक केवल अलर्ट ही नहीं देगी, बल्कि इसकी मदद से आप यह भी जान पाएंगे कि आपके आसपास कौन सी गाड़ी कितनी रफ्तार से चल रही है। यह जानकारी सड़क पर सुरक्षित दूरी बनाए रखने और संभावित खतरों को पहचानने में मदद करेगी। इससे ड्राइवर को सड़क पर बेहतर नियंत्रण मिल पाएगा और अप्रत्याशित स्थितियों से निपटना आसान होगा।
किन गाड़ियों में होगा लागू और कितना बढ़ेगा दाम
सरकार ने इस तकनीक को नई कारों, बसों और ट्रकों में अनिवार्य करने का प्रस्ताव दिया है। यानी, आने वाले समय में इन सभी नए वाहनों में यह ऑन-बोर्ड यूनिट लगाना ज़रूरी हो जाएगा। इस नई तकनीक को लगाने से गाड़ियों की कीमत में लगभग पांच से सात हजार रुपये तक की बढ़ोतरी होने की संभावना है। राज्य सरकारों ने इसे लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है और इस साल के अंत तक नई गाड़ियों में इसे चरणबद्ध तरीके से लागू करने की योजना है।




