Saudi Arabia New Update: सऊदी अरब के अल-खर्ज बेस पर ईरान का बड़ा हमला, अमेरिकी विमानों को तबाह करने का दावा
ईरान की सेना IRGC ने सऊदी अरब में स्थित अल-खर्ज सैन्य अड्डे (Prince Sultan Air Base) पर एक बड़ा हमला करने का दावा किया है। 27 मार्च 2026 को हुई इस कार्रवाई में अमेरिकी सेना के ईंधन भरने वाले टैंकों और सामान ले जाने वाले विमानों को निशाना बनाया गया। ईरान के अनुसार, यह उनके ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4’ की 84वीं लहर थी। इस हमले के बाद खाड़ी क्षेत्र में तनाव और अधिक बढ़ गया है।
ईरान ने इस हमले के पीछे क्या कारण बताया?
ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) का कहना है कि यह हमला 28 फरवरी 2026 को हुई एक घटना का बदला है। उस समय हुए एक हमले में अयातुल्ला अली खामेनेई और लगभग 170 स्कूली बच्चों की जान चली गई थी। ईरान इस घटना के लिए अमेरिका और इजरायली गठबंधन को जिम्मेदार मानता है। इसी के विरोध में ईरान ने मिसाइल और ड्रोन की मदद से सऊदी अरब के इस बेस पर हमला किया है।
हमले से जुड़ी मुख्य जानकारियां और नुकसान का विवरण
IRGC की एयरोस्पेस फोर्स और नेवी ने मिलकर इस ज्वाइंट ऑपरेशन को अंजाम दिया। ईरान का दावा है कि उनकी मिसाइलों ने डिफेंस सिस्टम को भेदते हुए बेस के अंदर तक मार की। इस पूरी घटना और उससे पहले के घटनाक्रम को नीचे दी गई टेबल में समझा जा सकता है:
| तारीख | मुख्य जानकारी |
|---|---|
| 28 फरवरी 2026 | अमेरिकी-इजरायली गठबंधन की कार्रवाई में अयातुल्ला खामेनेई की मृत्यु हुई |
| 1 मार्च 2026 | ईरानी मीडिया ने आधिकारिक तौर पर खामेनेई की मृत्यु की पुष्टि की |
| 14 मार्च 2026 | अमेरिकी मीडिया ने बेस पर नुकसान की रिपोर्ट दी, जिसे डोनाल्ड ट्रंप ने खारिज किया |
| 27 मार्च 2026 | ईरान ने अल-खर्ज बेस पर 84वें हमले का दावा किया |
| नुकसान का दावा | अमेरिकी रिफ्यूलिंग वाहनों और लॉजिस्टिक एयरक्राफ्ट के नष्ट होने की खबर |
सऊदी अरब में रहने वाले प्रवासियों और भारतीयों के लिए फिलहाल इस स्थिति पर नजर रखना जरूरी है। हालांकि यह सैन्य कार्रवाई खास तौर पर अमेरिकी बेस को निशाना बनाकर की गई है, लेकिन क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से यह एक गंभीर अपडेट है। ईरान का कहना है कि जब तक उसके लक्ष्यों को हासिल नहीं कर लिया जाता, तब तक वह ऐसी कार्रवाई जारी रखेगा।




