सऊदी अरब का बड़ा कदम, विदेशों में फंसे इराकी नागरिकों के लिए Arar Airport से शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन
सऊदी अरब के अरार एयरपोर्ट (Arar Airport) पर विदेशों में फंसे इराकी नागरिकों को वापस लाने का काम शुरू हो गया है। रविवार 15 मार्च 2026 को रेस्क्यू की पहली फ्लाइट एयरपोर्ट पर पहुंच गई है। इराक के एयरस्पेस बंद होने के कारण सऊदी अरब सरकार ने यह वैकल्पिक रास्ता खोला है। यह रेस्क्यू अभियान 18 मार्च तक चलेगा जिसमें विशेष फ्लाइट्स के जरिए लोगों को उनके देश भेजा जा रहा है।
कैसे हो रही है लोगों की वापसी?
इराकी नागरिक जो विदेश में फंस गए हैं उन्हें फ्लाइट के जरिए सबसे पहले सऊदी अरब के अरार एयरपोर्ट लाया जा रहा है। एयरपोर्ट से इन सभी यात्रियों को बसों में बिठाकर अरार लैंड बॉर्डर (Arar Land Border) के रास्ते इराक में प्रवेश कराया जा रहा है। इस पूरी प्रक्रिया में सऊदी अरब का नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (GACA) और अरार एयरपोर्ट प्रबंधन पूरा सहयोग कर रहा है। रियाद में मौजूद इराक के दूतावास ने सऊदी सरकार का शुक्रिया अदा किया है क्योंकि उन्होंने वीज़ा और अन्य कागजी कार्रवाई को बहुत आसान कर दिया है।
किन देशों से आ रही हैं फ्लाइट्स और क्या है प्लान?
इराक के परिवहन मंत्रालय ने बताया है कि यह एक इमरजेंसी एयर ब्रिज है। इसमें कुल 6 विशेष उड़ानों की योजना बनाई गई है। फ्लाइट्स और देशों का विवरण इस प्रकार है:
- नई दिल्ली (New Delhi): यहां से 4 विशेष उड़ानें संचालित की जाएंगी।
- काहिरा (Cairo): मिस्र की राजधानी से 2 फ्लाइट्स यात्रियों को लेकर आएंगी।
- तुर्की (Turkey): अंकारा से काहिरा होते हुए अरार तक का रूट भी तय किया गया है।
जो लोग वापस आना चाहते हैं उन्हें इन देशों में मौजूद इराकी एयरवेज के ऑफिस या दूतावास में अपना डेटा रजिस्टर करना जरूरी है। इराकी एयरवेज के डायरेक्टर मनाफ अब्देल-मोनेम ने बताया कि इस मुश्किल समय में यात्रियों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है और रेस्क्यू टीम लगातार काम कर रही है।




