सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने सोमवार को वारसॉ में साफ कहा कि UAE को यमन से अपनी सभी सेनाएं हटानी होंगी। उन्होंने कहा कि यह कदम दोनों देशों के बीच मजबूत संबंधों के लिए जरूरी है।
UAE ने यमन से सेना हटाने की पुष्टि की है क्या
UAE ने पहले ही अपनी सभी सेनाएं यमन से वापस बुला ली हैं। यह फैसला जनवरी 2026 में हुआ जब सऊदी समर्थित बलों ने हधरमौत और अल-महरा प्रांतों पर दोबारा कब्जा कर लिया।
यमन में क्या स्थिति है अभी
दिसंबर 2025 के अंत में Southern Transitional Council ने हधरमौत और अल-महरा पर कब्जा किया था। लेकिन जनवरी 2026 की शुरुआत में सऊदी समर्थित बलों ने इन इलाकों को वापस ले लिया।
सऊदी अरब की यमन नीति क्या है
सऊदी अरब ने कहा है कि UAE के जाने के बाद वे यमन में पूरी जिम्मेदारी लेंगे। प्रिंस फैसल ने इसे क्षेत्रीय स्थिरता और GCC साझेदारी के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
UAE का जवाब क्या है इस मामले में
UAE ने 29 दिसंबर 2025 को कहा था कि वे सऊदी सुरक्षा को खतरे में डालने वाले किसी भी ऑपरेशन का समर्थन नहीं करते। UAE ने समन्वय की पुष्टि की है।




