Saudi पर ड्रोन अटैक, एक कर्मचारी की मौत और तेल उत्पादन ठप, ईरान पर लगा हमले का आरोप
सऊदी अरब के तेल और गैस ठिकानों पर बड़े हमले हुए हैं। इन हमलों में सऊदी एनर्जी कंपनी के एक सुरक्षा कर्मचारी की जान चली गई और सात लोग घायल हो गए। रियाद, पूर्वी प्रांत और यनबू इंडस्ट्रियल सिटी के कई अहम बिजली और पेट्रोकेमिकल केंद्रों को निशाना बनाया गया है, जिससे पूरी दुनिया में तेल की सप्लाई पर असर पड़ सकता है।
हमलों में क्या-क्या नुकसान हुआ और कहाँ असर पड़ा
इन हमलों की वजह से सऊदी अरब के तेल उत्पादन और सप्लाई चेन को भारी चोट पहुंची है। मुख्य रूप से ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन और कई बड़े रिफाइनरी प्लांट्स प्रभावित हुए हैं।
- ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन: पंपिंग स्टेशन पर हमले से करीब 7,00,000 बैरल प्रतिदिन की सप्लाई रुकी।
- तेल उत्पादन: मनिफा और खुराइस फैसिलिटी से कुल 6,00,000 बैरल प्रतिदिन का उत्पादन कम हुआ।
- रिफाइनरी: जुबैल में SATORP, रस तनूरा, यनबू में SAMREF और रियाद रिफाइनरी का काम प्रभावित हुआ।
- गैस सप्लाई: जुअयमा में प्रोसेसिंग प्लांट पर असर पड़ा जिससे LPG और नेचुरल गैस एक्सपोर्ट में दिक्कत आई।
सऊदी सरकार और डिफेंस मिनिस्ट्री ने क्या कहा
सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि इन हमलों से ऊर्जा प्रणालियों की कई महत्वपूर्ण प्रक्रियाएं बाधित हुई हैं। डिफेंस मिनिस्ट्री ने बताया कि बुधवार को ड्रोन की हलचल देखी गई और 9 ड्रोन को हवा में ही मार गिराया गया।
सऊदी राजदूत ने अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करने की अपील की है और कहा है कि क्षेत्रीय सुरक्षा को खतरा पहुँचाने वाली हरकतों को सही नहीं ठहराया जा सकता। वहीं, ओपेक प्लस (OPEC+) देशों ने भी इस स्थिति पर चिंता जताई है क्योंकि इससे ग्लोबल मार्केट में तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं और सप्लाई में कमी आ सकती है।
हमले के पीछे कौन है और अब आगे क्या होगा
कई सूत्रों ने इन हमलों के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया है। हैरानी की बात यह है कि ये हमले अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम (ceasefire) की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद हुए।
| प्रभावित क्षेत्र/संस्था | नुकसान/असर |
|---|---|
| मानव हानि | 1 मौत, 7 घायल |
| पाइपलाइन | 7 लाख bpd की सप्लाई बाधित |
| उत्पादन क्षमता | 6 लाख bpd की कमी |
| सुरक्षा | 9 ड्रोन इंटरसेप्ट किए गए |




