Saudi Arabia Defense: सऊदी अरब के गैस प्लांट पर ड्रोन हमला नाकाम, रियाद पर दागी गई मिसाइलें भी हवा में ध्वस्त
सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने 18 मार्च 2026 को एक बड़ी सैन्य कार्रवाई में गैस प्लांट पर हुए ड्रोन हमले को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया है। पूर्वी प्रांत (Eastern Province) में स्थित इस प्लांट को निशाना बनाने की कोशिश की गई थी, लेकिन सऊदी एयर डिफेंस ने ड्रोन को बीच में ही मार गिराया। राहत की बात यह है कि इस घटना में किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान या आर्थिक क्षति की कोई खबर नहीं मिली है।
सऊदी अरब की सेना ने किस तरह की कार्रवाई की?
सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने इस पूरे ऑपरेशन की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ घंटों के भीतर सुरक्षा बलों ने कुल सात ड्रोन को इंटरसेप्ट कर नष्ट किया है। इसके अलावा रियाद शहर की तरफ दागी गई चार बैलिस्टिक मिसाइलों को भी एयर डिफेंस ने हवा में ही खत्म कर दिया। हमले के वक्त रियाद में रहने वाले लोगों को मोबाइल पर अलर्ट भेजकर सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई थी।
- पूर्वी प्रांत के गैस प्लांट को निशाना बनाने वाला दूसरा ड्रोन मार गिराया गया।
- सऊदी एयर डिफेंस ने रियाद की तरफ आती 4 मिसाइलों को बीच में ही रोका।
- मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने कुल 7 ड्रोन नष्ट करने की जानकारी दी।
- पूरे ऑपरेशन के दौरान किसी भी नागरिक के घायल होने की सूचना नहीं है।
वैश्विक बाजार और आम जनता पर क्या असर पड़ेगा?
खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते इस तनाव का असर सीधा तेल और गैस की कीमतों पर देखा जा रहा है। 18 मार्च को ब्रेंट क्रूड की कीमतें 6 प्रतिशत तक बढ़कर लगभग 110 डॉलर प्रति बैरल पर पहुँच गई हैं। कतर ने भी अपने LNG उत्पादन को अस्थाई रूप से रोक दिया है, जिससे दुनिया भर में गैस की सप्लाई प्रभावित हो सकती है। सऊदी अरब में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए यह स्थिति चिंताजनक हो सकती है, हालांकि सऊदी सरकार ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद है।
जानकारों का कहना है कि ऊर्जा ठिकानों पर इन हमलों की वजह से आने वाले दिनों में खाड़ी देशों और भारत के बीच यात्रा और माल ढुलाई की लागत बढ़ सकती है। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं और स्थिति पर करीब से नजर रखी जा रही है।




