Saudi Arabia और खाड़ी देशों का बड़ा एक्शन, ईरान के हमलों की कड़ी निंदा और राजनयिकों को देश छोड़ने का दिया आदेश
सऊदी अरब, खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के देशों और जॉर्डन ने एक साझा बयान जारी कर ईरान के हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है। 25 मार्च 2026 को जारी इस बयान में ईरान समर्थित गुटों द्वारा रिहायशी इलाकों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर किए गए ड्रोन और मिसाइल हमलों को बहुत खतरनाक बताया गया है। इस तनाव के बीच सऊदी अरब ने ईरानी सैन्य अधिकारियों को 24 घंटे के भीतर देश छोड़ने का सख्त आदेश भी दे दिया है।
किन इलाकों को बनाया गया निशाना और क्या हुआ नुकसान?
ईरान समर्थित मिलिशिया ने इराक की जमीन का इस्तेमाल कर सऊदी अरब, यूएई और कुवैत के नागरिक ठिकानों पर हमला किया है। इन हमलों में हवाई अड्डों, तेल सुविधाओं और पानी साफ करने वाले प्लांट (desalination plants) को निशाना बनाया गया है। प्रवासियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई गई है क्योंकि हमलों में कई देशों के नागरिकों को चोट पहुंची है।
- UAE: यूएई ने हाल ही में ईरान की तरफ से आ रही 7 बैलिस्टिक मिसाइलों और 16 ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया।
- Saudi Arabia: सऊदी अरब ने खाली क्षेत्र (Rub’ al Khali) में 4 ड्रोन मार गिराए जो शयबाह तेल क्षेत्र की ओर बढ़ रहे थे।
- Kuwait: कुवैत ने भी अपने हवाई क्षेत्र में घुस रहे एक मिसाइल और कई ड्रोन को रोकने की पुष्टि की है।
इन हमलों में पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश और फिलिस्तीन के नागरिकों की जान जाने की खबर है। यूएई में रहने वाले एक भारतीय निवासी के भी घायल होने की जानकारी मिली है। सुरक्षा को देखते हुए अबू धाबी में हमला वाली जगह की वीडियो बनाने वाले 45 लोगों को हिरासत में लिया गया है।
सऊदी अरब और खाड़ी देशों ने क्या बड़े कदम उठाए हैं?
तनाव को देखते हुए सऊदी अरब ने ईरानी सैन्य अताशे और उनके सहायकों को तुरंत देश छोड़ने का फरमान सुनाया है। संयुक्त बयान में इराक सरकार से भी अपील की गई है कि वह अपनी जमीन का इस्तेमाल पड़ोसी देशों पर हमला करने के लिए न होने दे। खाड़ी देशों ने साफ किया है कि अंतरराष्ट्रीय नियमों के हिसाब से उन्हें अपनी रक्षा करने का पूरा अधिकार है।
| देश या संस्था | मुख्य एक्शन और बयान |
|---|---|
| Saudi Arabia | ईरानी सैन्य राजनयिकों को 24 घंटे में देश से निकाला गया। |
| UAE | हमले की वीडियो और गलत जानकारी फैलाने वाले 45 लोग गिरफ्तार। |
| GCC और जॉर्डन | संयुक्त बयान जारी कर ईरान के हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की। |
| International | 136 देशों का समर्थन और UNSC प्रस्ताव 2817 का हवाला दिया। |
सऊदी विदेश मंत्री Prince Faisal bin Farhan और GCC महासचिव Jasem Mohamed Al-Budaiwi ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र की सुरक्षा के लिए सभी देश एकजुट हैं। बयान में ईरान से यह भी कहा गया है कि वह अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्तों जैसे हॉर्मुज की खाड़ी में जहाजों की आवाजाही को न रोके। इस स्थिति का सीधा असर खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों की सुरक्षा और यात्रा पर पड़ सकता है।




