अमेरिका-ईरान युद्ध पर ट्रंप का बड़ा बयान, 11 दिन में ईरान की सेना तबाह होने का दावा
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के साथ जारी संघर्ष के 11 दिनों के भीतर वहां की मुख्य सेना लगभग खत्म हो चुकी है। ट्रंप ने केंटकी में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि ‘Operation Epic Fury’ ईरान की कमर तोड़ने में सफल रहा है। इस युद्ध का सीधा असर खाड़ी देशों और वहां रहने वाले प्रवासियों पर भी दिख रहा है और सुरक्षा को लेकर कड़े कदम उठाए जा रहे हैं।
ट्रंप ने ईरान के सैन्य नुकसान पर क्या आंकड़े दिए
ट्रंप ने केंटकी में जानकारी देते हुए बताया कि ईरान की रक्षा प्रणाली अब काम नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि ईरान के पास अब न तो रडार बचे हैं और न ही विमानों को रोकने वाले एंटी-एयरक्राफ्ट हथियार बचे हैं।
| सैन्य विभाग | नुकसान का विवरण |
| नौसेना | 58 जहाज डुबोए या नष्ट किए गए |
| मिसाइल क्षमता | 90 प्रतिशत मिसाइल सिस्टम तबाह |
| ड्रोन क्षमता | 85 प्रतिशत ड्रोन और फैक्ट्रियां खत्म |
| वायु सेना | शुरुआती 3 घंटों में ही पूरी तरह खत्म |
खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और सुरक्षा पर असर
ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे इस तनाव का असर अब दुबई जैसे शहरों में दिखने लगा है। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए पिछले 24 घंटों में कई बड़े बदलाव हुए हैं।
- दुबई इंटरनेशनल फाइनेंशियल सेंटर में स्थित Citigroup और अन्य कंपनियों ने अपने कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला है।
- ईरान द्वारा अमेरिकी और इजरायली ठिकानों को निशाना बनाने की धमकी के बाद यह फैसला लिया गया है।
- तेल की कीमतों को स्थिर रखने के लिए IEA ने अपने सुरक्षित भंडार से 40 करोड़ बैरल तेल बाज़ार में उतारने की मंजूरी दी है।
- ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोज्तबा खामेनेई के नेतृत्व में स्थिति और गंभीर हो गई है।
ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि अमेरिकी सेना तब तक वहां से नहीं हटेगी जब तक ईरान की सैन्य और परमाणु क्षमता पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाती। ईरान के राजदूत ने इस हमले में बड़ी संख्या में आम नागरिकों के मारे जाने की बात भी कही है।





