Saudi Arabia New Update: सऊदी अरब का बड़ा फैसला, फंसे हुए कुवैतियों को बसों से भेजा जा रहा घर, 13 मार्च है आखिरी मौका
सऊदी अरब में फंसे कुवैती नागरिकों को वापस उनके देश भेजने का काम अब अंतिम चरण में है। कुवैत के राजदूत ने सऊदी अरब के किंग सलमान और क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान को उनके इस दरियादिली और मदद के लिए धन्यवाद दिया है। कमर्शियल फ्लाइट्स बंद होने के बाद सऊदी सरकार ने फंसे हुए लोगों को रियाद और दम्मम से बसों के जरिए कुवैत बॉर्डर तक सुरक्षित पहुंचाने की खास व्यवस्था की है।
फ्लाइट्स बंद होने के बाद बसों से हो रही वापसी
सऊदी के बड़े एयरपोर्ट जैसे रियाद के King Khalid International और दम्मम के King Fahd International पर फंसे लोगों के लिए खास इंतजाम किए गए हैं।
कुवैत जाने वाले नागरिकों को आरामदायक बसों के जरिए रियाद और दम्मम से अल-खफजी (Al-Khafji) और अल-रकई (Al-Raqai) बॉर्डर तक ले जाया जा रहा है।
कुवैत सिविल एविएशन के अनुसार, शुक्रवार 13 मार्च 2026 इस निकासी अभियान का आखिरी दिन होगा। इसके बाद वर्तमान योजना के तहत निकासी सेवा उपलब्ध नहीं होगी।
प्रवासियों और GCC नागरिकों के लिए वीज़ा नियम
इस निकासी अभियान में यात्रा करने वालों के लिए कुछ जरूरी नियम भी बनाए गए हैं, जिन्हें मानना अनिवार्य है।
- GCC नागरिक: सऊदी सरकार ने पड़ोसी देशों के साथ एकजुटता दिखाते हुए GCC नागरिकों के लिए वीज़ा फीस पूरी तरह से माफ कर दी है।
- प्रवासी (Expats): अगर कोई प्रवासी सऊदी के रास्ते कुवैत जा रहा है, तो उसे 72 से 96 घंटे की वैलिडिटी वाला Saudi Transit Visa लेना होगा।
- वीज़ा फीस: इस ट्रांजिट वीज़ा की फीस लगभग 40 सऊदी रियाल ($10.50) तय की गई है।
- जरूरी डॉक्युमेंट्स: यात्रा के लिए कम से कम 6 महीने की वैलिडिटी वाला पासपोर्ट और कुवैत से निकलने के लिए Sahel App से एग्जिट परमिट होना बहुत जरूरी है।
रहने और सुरक्षा के क्या हैं इंतजाम
सऊदी प्रशासन ने रियाद और ईस्टर्न प्रोविंस में फंसे हुए परिवारों के लिए होटलों में रुकने की मुफ्त व्यवस्था की है, ताकि उन्हें बस के इंतजार में कोई तकलीफ ना हो।
बॉर्डर पर भीड़ को संभालने के लिए कर्मचारियों की संख्या काफी बढ़ा दी गई है। इससे बसों और प्राइवेट गाड़ियों की कागजी प्रक्रिया तेजी से पूरी हो रही है।
क्षेत्र में चल रहे तनाव को देखते हुए बसों और लोगों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा गया है। रास्ते में सऊदी सुरक्षा बल का एस्कॉर्ट बसों के साथ-साथ चल रहा है।




