Saudi TGA Action: सऊदी अरब में 1.22 लाख गाड़ियों की चेकिंग, 22 हजार से ज्यादा का कटा चालान
सऊदी अरब में रमजान के पवित्र महीने में उमराह यात्रियों और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ट्रांसपोर्ट जनरल अथॉरिटी (TGA) ने एक बड़ा अभियान चलाया। इस अभियान के तहत पूरे देश में 1 लाख 22 हजार से ज्यादा गाड़ियों की चेकिंग की गई। इस दौरान नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई करते हुए 22 हजार से ज्यादा चालान काटे गए और कई गाड़ियों को जब्त भी किया गया।
चेकिंग अभियान के मुख्य आंकड़े क्या हैं?
अथॉरिटी की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, इस अभियान में भारी संख्या में कमर्शियल और प्राइवेट ट्रांसपोर्ट गाड़ियों की जांच की गई। इसका मुख्य उद्देश्य मक्का और मदीना में यात्रियों को सुरक्षित और बेहतर ट्रांसपोर्ट सर्विस देना था। इन आंकड़ों से साफ है कि प्रशासन नियमों के पालन को लेकर कितना सख्त है।
- कुल 1,22,656 गाड़ियों का इंस्पेक्शन किया गया।
- नियम तोड़ने पर 22,678 वायलेशन दर्ज किए गए।
- गंभीर तकनीकी और कागजी कमियों के कारण 1,296 गाड़ियों को जब्त (Impound) किया गया।
- मक्का रीजन में सबसे ज्यादा 66,265 चेकिंग हुई, जिसमें 13,787 चालान कटे।
- मदीना में 16,172 चेकिंग के दौरान 4,263 चालान बनाए गए।
किन गलतियों पर हुई कार्रवाई और गाड़ियां जब्त?
चेकिंग के दौरान इंस्पेक्टर्स ने कई तरह की कमियां पाईं, जिन पर तुरंत एक्शन लिया गया। इसके अलावा अवैध रूप से ट्रांसपोर्ट का काम करने वालों पर भी लगाम कसी गई, जो बिना लाइसेंस के यात्रियों को बैठाते हैं।
- ड्रेस कोड: ड्राइवरों द्वारा तय की गई ऑफिशियल यूनिफॉर्म न पहनना।
- बिना परमिट: बिना वैलिड ऑपरेटिंग परमिट या प्रोफेशनल कार्ड के गाड़ी चलाना।
- अवैध टैक्सी: प्राइवेट गाड़ियों का इस्तेमाल अवैध रूप से यात्रियों को ढोने (Al-Kadada) के लिए करना।
- मीटर का इस्तेमाल न करना: टैक्सी ड्राइवरों द्वारा इलेक्ट्रॉनिक फेयर मीटर चालू न करना।
- सुरक्षा मानक: गाड़ियों का तकनीकी रूप से फिट न होना या सेफ्टी रूल्स न मानना।
यात्रियों की सुरक्षा के लिए जीरो टॉलरेंस नीति
TGA ने साफ कर दिया है कि सुरक्षा से जुड़े किसी भी नियम के उल्लंघन पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जा रही है। इसका मतलब है कि यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इस बड़े अभियान में मिनिस्ट्री ऑफ इंटीरियर और क्षेत्रीय प्रशासन ने भी पूरा सहयोग दिया। राहत की बात यह रही कि इतनी सघन चेकिंग के बावजूद ट्रांसपोर्ट सेक्टर में नियमों का पालन करने का रेट (Compliance Rate) 92 प्रतिशत दर्ज किया गया, जो एक सकारात्मक बात है।




