Saudi Arabia War Update: सऊदी में युद्ध का 14वां दिन, 24 ड्रोन और 7 मिसाइलें तबाह, दुनिया पर मंडराया आर्थिक संकट
सऊदी अरब में चल रहे युद्ध का आज 14वां दिन है और स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की अध्यक्षता में हुई बैठक में सऊदी अरब ने अपनी सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए कड़े कदम उठाने की बात कही है। लगातार हो रहे हमलों के कारण दुनिया भर में एक बड़े आर्थिक संकट का डर सता रहा है। अरामको के सीईओ ने चेतावनी दी है कि अगर हालात ऐसे ही रहे तो इसके गंभीर परिणाम होंगे।
सऊदी एयर डिफेंस ने नाकाम किए बड़े हमले
सऊदी एयर डिफेंस ने अपनी सीमा के अंदर 24 ड्रोन और 7 बैलिस्टिक मिसाइलों को नष्ट किया है। ये मिसाइलें और ड्रोन कई अहम ठिकानों को निशाना बनाने के लिए दागे गए थे। हालांकि रास तनूरा रिफाइनरी में एक ड्रोन हमले के बाद काम रोक दिया गया है। इसके अलावा बहरीन की बाप्को कंपनी ने भी अल मामीर तेल सुविधा पर हमले के बाद फोर्स मेज्योर की घोषणा कर दी है।
तेल के दाम 100 डॉलर के पार और दुनिया पर असर
होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने से दुनिया भर में कच्चे तेल की सप्लाई पर भारी असर पड़ा है। अरामको के सीईओ अमीन नासर ने बताया कि इस रास्ते से दुनिया का करीब 20 प्रतिशत तेल गुजरता है। इस रुकावट के कारण कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई है। युद्ध के कारण भारत में गैस की कमी के चलते उद्योगों को सीमित मात्रा में गैस दी जा रही है। वहीं कतर ने अपनी LNG सुविधाओं को बंद कर दिया है और चीन ने भी सप्लाई में गिरावट के कारण कई रिफाइनरी यूनिट बंद किए हैं।
रमजान के दौरान नियम और अन्य जरूरी अपडेट
युद्ध के इन हालातों के बीच रमजान का महीना चल रहा है और पहले 20 दिनों में पवित्र मस्जिदों में 96 मिलियन लोग पहुंचे हैं। इसे देखते हुए पर्यटन मंत्रालय ने बिना परमिट वाले यात्रियों को ठहराने वाले प्रॉपर्टी मालिकों को सख्त चेतावनी दी है। देश में खाने और ऊर्जा की कीमतें बढ़ने से महंगाई दर 9.13 प्रतिशत तक पहुंच गई है। इन मुश्किलों के बाद भी राष्ट्रीय परोपकारी अभियान (Ehsan) के जरिए 1 अरब रियाल से ज्यादा का दान जमा हुआ है। इसके साथ ही सऊदी कैबिनेट ने आधिकारिक तौर पर 2026 को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का वर्ष घोषित किया है।





