सऊदी अरब के इस्लामिक अफेयर्स मंत्रालय ने Ramadan 1447 AH के लिए कई अहम निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों का मकसद रमजान के पवित्र महीने के दौरान मस्जिदों में व्यवस्था और नियमों का पालन सुनिश्चित करना है। इनमें इफ्तार के लिए चंदा इकट्ठा करने पर रोक, इमामों और मुअज्जिनों के लिए उपस्थिति नियम और नमाज़ की रिकॉर्डिंग पर पाबंदी जैसे कई महत्वपूर्ण बिंदु शामिल हैं।
इफ्तार और अन्य आयोजनों के लिए चंदा
नए निर्देशों के मुताबिक, मस्जिदों में रोज़ा इफ्तार करने वालों के लिए या किसी भी अन्य गतिविधि या कार्यक्रम के लिए दान (चंदा) इकट्ठा करना मना है। यह सुनिश्चित किया गया है कि किसी भी प्रकार की वित्तीय उगाही के लिए मस्जिद का मंच इस्तेमाल न हो। इससे मस्जिदों में पारदर्शिता बनी रहेगी और किसी भी तरह के अनधिकृत चंदे पर रोक लगेगी।
इमामों और मुअज्जिनों के लिए हाज़िरी नियम
जारी किए गए निर्देशों में इमामों और मुअज्जिनों के लिए भी कुछ अहम बातें कही गई हैं। उन्हें अपने काम पर नियमित रूप से हाजिर रहना होगा। उनकी अनुपस्थिति केवल तभी मान्य होगी जब बहुत ज़रूरी हो। इसका मतलब है कि रमजान के पूरे महीने उन्हें अपनी ड्यूटी पर मौजूद रहना होगा ताकि नमाज़ और अन्य धार्मिक गतिविधियां सुचारु रूप से चल सकें।
नमाज़ का समय और कैमरा से जुड़े नियम
नमाज़ के समय को लेकर भी खास हिदायतें दी गई हैं। अज़ान और इक़ामत के बीच 15 मिनट का अंतर रखना ज़रूरी है। इसके अलावा, तहज्जुद की नमाज़ फज्र से पहले पूरी कर लेनी होगी। कैमरा संबंधी नियमों का पालन करना भी अनिवार्य बताया गया है। नमाज़ को फिल्माना या उसका प्रसारण करना मना है। यह नियम गोपनीयता और एकाग्रता बनाए रखने के लिए लागू किया गया है।
इन निर्देशों का उद्देश्य रमजान के पवित्र महीने के दौरान मस्जिदों में अनुशासन और शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखना है।
Last Updated: 21 January 2026




