Saudi Turkey Defense Talks: सऊदी और तुर्की के रक्षा मंत्रियों के बीच फोन पर हुई बात, ईरान के हमलों को लेकर जताई चिंता
सऊदी अरब के रक्षा मंत्री प्रिंस खालिद बिन सलमान और तुर्की के राष्ट्रीय रक्षा मंत्री यासर गुलर के बीच 11 मार्च 2026 को फोन पर अहम बातचीत हुई है। इस बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने सऊदी अरब और तुर्की के इलाकों पर हुए ईरान के हमलों की कड़ी निंदा की। इस फोन कॉल का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में तेजी से बिगड़ते सुरक्षा हालात और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर इसके असर को लेकर चर्चा करना था। दोनों देशों ने अपनी सीमाओं की सुरक्षा और राष्ट्रीय संप्रभुता के लिए एक-दूसरे का पूरा साथ देने की बात कही है।
ईरान के हमलों के बाद क्या है सऊदी अरब का हाल?
पिछले 24 घंटों में सऊदी अरब के कई इलाकों में तनाव देखा गया है। हालांकि, सऊदी एयर डिफेंस सिस्टम ने मुस्तैदी दिखाते हुए कई हमलों को नाकाम कर दिया।
- सऊदी अरब की सेना ने Riyadh, Al-Kharj और Al-Zulfi के पास ईरानी ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया।
- UN Security Council ने भी इस मामले पर कड़ा एक्शन लिया है। परिषद में 13-0 के वोट से ईरान द्वारा खाड़ी देशों पर किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों की आधिकारिक रूप से निंदा की गई।
- सऊदी अरब ने यह स्पष्ट किया है कि उसने अपनी जमीन या हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ किसी हमले के लिए नहीं होने दिया है।
खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों पर क्या होगा असर?
इस पूरे मामले को लेकर सऊदी अरब का Civil Defense अलर्ट मोड पर है। उन्होंने सभी नागरिकों और खाड़ी देशों में काम कर रहे भारतीय प्रवासियों से सतर्क रहने की अपील की है।
- राहत की बात यह है कि अब तक जितने भी मिसाइल या ड्रोन हमले हुए हैं, उन्हें हवा में ही रोक दिया गया।
- इन हमलों से किसी भी आम नागरिक की जान का नुकसान नहीं हुआ है और न ही बुनियादी ढांचे को कोई भारी नुकसान पहुंचा है।
- सऊदी अरब और उसके सहयोगी देश लगातार राजनयिक कोशिशें कर रहे हैं ताकि मध्य पूर्व में बन रहे इस संकट को रोका जा सके।




