जॉर्डन पेट्रोलियम रिफाइनरी कंपनी (JPRC) के महानिदेशक हसन अल-हयारी ने यह साफ़ किया है कि जॉर्डन अपनी घरेलू गैस (LPG) और कच्चे तेल की ज़रूरतों का एक बड़ा हिस्सा सऊदी अरामको से हासिल कर रहा है। यह सप्लाई सऊदी अरब के यनबू (Yanbu) बंदरगाह के ज़रिए भेजी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में जारी तनाव के बावजूद जॉर्डन की ऊर्जा सप्लाई पूरी तरह सुरक्षित है क्योंकि यह आयात हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर निर्भर नहीं है।

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गैस सप्लाई और जॉर्डन के रिज़र्व की क्या स्थिति है?

हसन अल-हयारी के अनुसार जॉर्डन का ईंधन भंडार वर्तमान में आरामदायक स्तर पर है। देश के पास कम से कम दो महीने की ज़रूरत के हिसाब से एलपीजी (LPG) का स्टॉक मौजूद है, जो अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप है। हाल के दिनों में आपूर्ति को और मज़बूत करने के लिए कई ज़रूरी कदम उठाए गए हैं।

  • हर महीने सऊदी अरब से लगभग 10 लाख बैरल कच्चे तेल का आयात किया जाता है।
  • हाल ही में 12,000 टन गैस लेकर एक बड़ा जहाज़ जॉर्डन के अकाबा पोर्ट पहुँचा है।
  • मार्च के महीने में लगभग 17 लाख अतिरिक्त गैस सिलेंडर प्रोसेस किए गए हैं।
  • भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए जॉर्डन लॉजिस्टिक्स स्टेट कंपनी (JTSC) लगातार काम कर रही है।

सऊदी अरब के यनबू पोर्ट की क्या भूमिका है?

फरवरी 2026 के अंत से हॉर्मुज जलडमरूमध्य के प्रभावी रूप से बंद होने के बाद सऊदी अरब ने अपने निर्यात के लिए लाल सागर के रास्तों का इस्तेमाल बढ़ा दिया है। यनबू पोर्ट इस समय कच्चे तेल और गैस निर्यात के लिए सबसे महत्वपूर्ण केंद्र बन गया है। जॉर्डन को यहाँ से सीधी सप्लाई मिलने के कारण क्षेत्रीय संकट के बीच भी किसी कमी का सामना नहीं करना पड़ रहा है। यनबू पोर्ट इस समय अपनी अधिकतम क्षमता के करीब काम कर रहा है ताकि पड़ोसी देशों की ऊर्जा मांग पूरी की जा सके।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.