सऊदी अरब में मौजूद किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट दुनिया के सबसे बड़े हवाई अड्डों में से एक है. इसका क्षेत्रफल इतना विशाल है कि भारत का पूरा मुंबई शहर भी इसके अंदर आ सकता है. यह हवाई अड्डा यात्रियों की संख्या और उड़ानों में लगातार बढ़ोतरी देख रहा है, जिसके चलते भविष्य के लिए कई बड़ी विस्तार योजनाएं तैयार की गई हैं.
एयरपोर्ट का विशाल क्षेत्रफल और संचालन
किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट लगभग 776 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है, जो इसे क्षेत्रफल के हिसाब से दुनिया के सबसे बड़े हवाई अड्डों में से एक बनाता है. हालांकि, इस विशाल भूमि का एक बड़ा हिस्सा अभी भी अविकसित रेगिस्तानी क्षेत्र है. यह हवाई अड्डा 28 नवंबर 1999 को वाणिज्यिक उड़ानों के लिए खोला गया था और 1 जुलाई 2017 से दम्माम एयरपोर्ट्स कंपनी (DACO) इसका संचालन कर रही है.
यात्रियों और उड़ानों में शानदार बढ़ोतरी
साल 2024 में किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर यात्रियों और उड़ानों में महत्वपूर्ण वृद्धि देखी गई. यहाँ कुछ मुख्य आँकड़े दिए गए हैं:
| विवरण | आँकड़े (2024, जनवरी-दिसंबर मध्य) | 2023 के मुकाबले वृद्धि |
|---|---|---|
| यात्री यातायात | 12 मिलियन यात्री | 15% की वार्षिक वृद्धि |
| उड़ानें | 99,000 से अधिक उड़ानें | 5% की वृद्धि |
सऊदी विजन 2030 के तहत भव्य विस्तार योजनाएं
सऊदी विजन 2030 के हिस्से के रूप में, इस हवाई अड्डे के लिए बड़ी विस्तार योजनाएं बनाई गई हैं. इन योजनाओं का लक्ष्य है कि 2030 तक सालाना 19.3 मिलियन से अधिक यात्रियों को संभाला जाए, और भविष्य में यह क्षमता सालाना 32 मिलियन यात्रियों तक पहुंच सकती है. इसके अलावा, हवाई कार्गो क्षमता में 1000% की भारी वृद्धि का अनुमान है, जिससे यह सालाना 600,000 टन से अधिक कार्गो को संभाल सकेगा.
एयरपोर्ट की अन्य महत्वपूर्ण सुविधाएं
एयरपोर्ट परिसर में 2,000 लोगों की क्षमता वाली एक मस्जिद और 3,000 लोगों के लिए एक आवासीय समुदाय भी मौजूद है. यह सब इसकी विशालता और दूरदर्शिता को दिखाता है.




