S&P Rating: UAE की इकोनॉमी को मिली ‘AA/A-1+’ रेटिंग, ग्लोबल टेंशन के बीच भी देश की स्थिति मजबूत
S&P Global Ratings ने UAE की क्रेडिट रेटिंग ‘AA/A-1+’ तय की है और इसके आउटलुक को ‘Stable’ यानी स्थिर रखा है। दुनिया भर में चल रहे जियोपोलिटिकल टेंशन और तेल के बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद UAE की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है। इसका सीधा मतलब है कि देश के पास किसी भी मुश्किल स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त फंड और मजबूत बैकअप मौजूद है।
UAE की अर्थव्यवस्था इतनी मजबूत क्यों है?
S&P की रिपोर्ट के अनुसार, UAE का नॉन-ऑयल सेक्टर अब देश की GDP का लगभग 75% हिस्सा बन चुका है। यानी देश अब सिर्फ तेल की कमाई पर निर्भर नहीं है। इसके अलावा कई और आर्थिक आंकड़े भी सरकार की मजबूत स्थिति की जानकारी देते हैं।
- 2026 में UAE की प्रति व्यक्ति GDP 48,900 डॉलर और अबू धाबी की 74,400 डॉलर रहने का अनुमान है।
- सरकार पर कर्ज का बोझ काफी कम है, जो GDP का सिर्फ 27% है।
- सरकार के पास लिक्विड एसेट यानी नकद संपत्ति GDP का 210% है।
ये सभी आंकड़े बताते हैं कि UAE की वित्तीय स्थिति काफी सुरक्षित है।
प्रवासियों और आम लोगों पर इसका क्या असर होगा?
गल्फ देशों में काम करने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए यह एक अच्छी खबर है। जब किसी देश की क्रेडिट रेटिंग अच्छी होती है, तो वहां विदेशी निवेश बढ़ता है और नए व्यापार के मौके बनते हैं। मजबूत अर्थव्यवस्था का मतलब है कि वहां रहने वालों की नौकरियां और व्यापार सुरक्षित रहते हैं।
हाल के क्षेत्रीय तनावों के कारण S&P ने 2026 के लिए विकास दर का अनुमान 4.7% से घटाकर 2.2% कर दिया है। फिर भी, हबशान-फजराह पाइपलाइन जैसी अहम इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं देश के व्यापार को सुरक्षित रखती हैं। यह पाइपलाइन होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते से बचे बिना सीधे ओमान की खाड़ी तक अबू धाबी का 50% तेल सुरक्षित पहुंचाती है।
अबू धाबी का कॉर्पोरेट टैक्स अपडेट
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 2026 के दूसरे छमाही से अबू धाबी में कॉर्पोरेट इनकम टैक्स लागू होने की उम्मीद है। इससे सरकार को हर साल 8 से 10 बिलियन दिरहम की अतिरिक्त कमाई होगी। इससे सरकारी खजाने में और मजबूती आएगी, जिसका इस्तेमाल भविष्य में विकास के काम और बुनियादी ढांचे को और बेहतर बनाने के लिए किया जाएगा।





