Strait of Hormuz Update: ऑस्ट्रेलिया ने जताया समर्थन, अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी शुरू की, दुनिया भर के जहाजों पर असर
Strait of Hormuz में तनाव काफी बढ़ गया है। ऑस्ट्रेलिया के रक्षा मंत्री Richard Marles ने साफ किया है कि वे इस समुद्री रास्ते को खुला रखने के लिए फ्रांस और ब्रिटेन के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। उधर अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की नाकाबंदी शुरू कर दी है जिससे ग्लोबल शिपिंग और समुद्री रास्तों पर बड़ा असर पड़ सकता है।
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ऑस्ट्रेलिया और उसके साथी क्या कदम उठा रहे हैं?
ऑस्ट्रेलिया के रक्षा मंत्री Richard Marles ने 14 अप्रैल 2026 को कहा कि वे Strait of Hormuz को खुला रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। ऑस्ट्रेलिया ने इस काम के लिए ब्रिटेन और फ्रांस के साथ हाथ मिलाया है। ऑस्ट्रेलिया ने गल्फ देशों की सुरक्षा के लिए E7 Wedgetail सर्वेलांस विमान भेजा है। हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिका की तरफ से अभी तक युद्धपोत भेजने के लिए कोई अनुरोध नहीं आया है।
अमेरिका और ईरान के बीच विवाद की मुख्य वजह क्या है?
14 अप्रैल 2026 से अमेरिका ने ईरान के सभी बंदरगाहों पर समुद्री नाकाबंदी लागू कर दी है। राष्ट्रपति Donald Trump ने चेतावनी दी है कि जो भी जहाज इस घेराबंदी को चुनौती देंगे उन्हें नष्ट कर दिया जाएगा। वहीं ईरान का कहना है कि अमेरिका की मांगें बहुत ज़्यादा हैं जिसकी वजह से समझौता नहीं हो सका। संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि इस विवाद से दुनिया की अर्थव्यवस्था बिगड़ सकती है और करीब 20,000 नाविक वहां फंसे हुए हैं।
विवाद में शामिल प्रमुख देश और उनका स्टैंड
| देश | भूमिका और स्टैंड |
|---|---|
| ऑस्ट्रेलिया | रास्ता खुला रखने के लिए सर्वेलांस विमान की मदद दी |
| ब्रिटेन | 35 देशों को जोड़कर राजनयिक बातचीत की पहल की |
| फ्रांस | टैंकरों की सुरक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय मिशन की वकालत की |
| अमेरिका | ईरानी बंदरगाहों पर सैन्य नाकाबंदी शुरू की |
| ईरान | रास्ता खोलने के लिए टोल टैक्स वसूलने की शर्त रखी |
| चीन और जर्मनी | समुद्री रास्ते के बिना रुकावट इस्तेमाल की मांग की |




