Strait of Hormuz बंद होने से कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर के पार, दुनिया भर में बढ़ी टेंशन, ट्रंप ने मांगी मदद
ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच बढ़ते तनाव की वजह से हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद कर दिया गया है। इस बड़े फैसले के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 102 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर निकल गई हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अब इस समुद्री रास्ते को खुला रखने के लिए दुनिया के देशों से एक मिलिट्री गठबंधन बनाने की मांग कर रहे हैं। इस बंदी का असर अब धीरे-धीरे पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर दिखने लगा है।
कच्चे तेल की कीमतों और शिपिंग पर क्या असर पड़ा है?
समुद्री रास्ते में रुकावट आने के कारण पूरी दुनिया में तेल की सप्लाई पर बुरा असर पड़ा है। इसकी मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:
- तेल की कीमत: 17 मार्च 2026 को Brent crude की कीमत बढ़कर 102.68 डॉलर प्रति बैरल हो गई है।
- सप्लाई में रुकावट: दुनिया के कुल तेल सप्लाई का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा इसी रास्ते से आता है, जो फिलहाल रुका हुआ है।
- शिपिंग कंपनियों का फैसला: Maersk और CMA CGM जैसी बड़ी कंपनियों ने अपने जहाजों को अब अफ्रीका के रास्ते (Cape of Good Hope) भेजना शुरू किया है।
- देरी और खर्च: नए रास्ते से जाने की वजह से जहाजों को अपनी मंजिल तक पहुँचने में 10 से 14 दिन ज्यादा लग रहे हैं।
किन देशों के लिए रास्ता बंद है और भारत पर इसका क्या असर है?
ईरान ने साफ किया है कि यह रास्ता सबके लिए बंद नहीं है, बल्कि चुनिंदा देशों के लिए पाबंदी लगाई गई है। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासी भारतीयों और व्यापार पर इसका सीधा असर पड़ रहा है:
| विस्तार | मौजूदा स्थिति |
|---|---|
| ईरान की नीति | रास्ता केवल अमेरिका, इजरायल और उनके सहयोगियों के लिए बंद है। |
| भारतीय जहाज | पिछले 24 घंटों में भारत के दो गैस टैंकरों को सुरक्षित निकलने दिया गया है। |
| फंसे हुए जहाज | लगभग 150 से 300 टैंकर अभी भी समुद्र में खड़े होकर आदेश का इंतजार कर रहे हैं। |
| अंतरराष्ट्रीय मदद | जर्मनी और ऑस्ट्रेलिया ने फिलहाल इस मामले में अपनी सेना भेजने से मना कर दिया है। |
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य उनके नियंत्रण में है और यह केवल दुश्मनों के जहाजों के लिए बंद किया गया है। दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ब्रिटेन और फ्रांस जैसे देशों से अपील की है कि वे इस रास्ते को सुरक्षित बनाने के लिए आगे आएं।




