Trump का बड़ा फैसला, Strait of Hormuz की होगी नाकाबंदी, ईरान के साथ शांति वार्ता रही नाकाम
अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा है कि US Navy अब Strait of Hormuz की नाकाबंदी करेगी। यह फैसला इस्लामाबाद में ईरान के साथ हुई शांति बातचीत के नाकाम होने के बाद लिया गया है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अमेरिकी सेना पूरी तरह तैयार है और जल्द ही यह कार्रवाई शुरू होगी।
शांति वार्ता क्यों हुई नाकाम और ट्रंप ने क्या कहा?
पाकिस्तान के इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच करीब 21 घंटे तक मैराथन बातचीत चली। US Vice President JD Vance ने पुष्टि की कि ईरान ने अमेरिकी शर्तों को स्वीकार नहीं किया। इसके बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने Truth Social पर पोस्ट कर कहा कि US Navy उन सभी जहाजों को रोकेगी जो इस रास्ते से गुजरने की कोशिश करेंगे। ट्रंप ने ईरान द्वारा जहाजों से वसूले जाने वाले टोल को गलत बताया और कहा कि अमेरिकी सेना अब उन माइन्स को नष्ट करेगी जो ईरान ने रास्ते में बिछाए हैं।
नाकाबंदी का असर और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
UAE के अधिकारी Sultan Al Jaber ने इस स्थिति पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि Strait of Hormuz पर सिर्फ ईरान का हक नहीं है और इसे बंद करना ग्लोबल इकोनॉमी के लिए बड़ा खतरा है। अंतरराष्ट्रीय कानून के जानकारों का कहना है कि इस रास्ते पर ‘ट्रांजिट पैसेज’ का अधिकार है, जिसका मतलब है कि यहां जहाजों की आवाजाही को रोका नहीं जाना चाहिए। ट्रंप ने चीन, जापान और यूके जैसे देशों से मदद मांगी थी, लेकिन जर्मनी और यूके जैसे कुछ देश इस सैन्य कार्रवाई में शामिल होने से हिचकिचा रहे हैं।
मुख्य विवरण और शामिल पक्ष
| पक्ष/व्यक्ति | भूमिका/स्थिति |
|---|---|
| Donald Trump | अमेरिकी राष्ट्रपति, नाकाबंदी का ऐलान किया |
| JD Vance | अमेरिकी उपराष्ट्रपति, बातचीत का नेतृत्व किया |
| Abbas Araghchi | ईरान के विदेश मंत्री, बातचीत में शामिल |
| Mohammad Ghalibaf | ईरान के संसदीय स्पीकर |
| पाकिस्तान | शांति वार्ता के लिए मध्यस्थ की भूमिका निभाई |
| IRGC | ईरान की सेना, जिसने टोल वसूलने का दावा किया |
| Sultan Al Jaber | UAE अधिकारी, नाकाबंदी का विरोध किया |




