Trump का बड़ा दावा: ईरान के खिलाफ युद्ध में अमेरिका के साथ आ रहे कई देश, खाड़ी देशों में भी मिसाइल हमले जारी
अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के खिलाफ चल रहे युद्ध को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि कई देशों ने ईरान के खिलाफ इस युद्ध में हिस्सा लेने के लिए अमेरिका का साथ देने की बात कही है। यह युद्ध अब अपने तीसरे हफ्ते में प्रवेश कर चुका है और इसका असर पूरे खाड़ी क्षेत्र पर पड़ रहा है। सऊदी अरब और UAE जैसे देशों में भी लगातार ड्रोन और मिसाइल हमले देखे जा रहे हैं, जिससे वहां रहने वाले आम लोगों और प्रवासियों की चिंता बढ़ गई है।
खाड़ी देशों में कैसे हालात हैं?
इस युद्ध का सीधा असर खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों और वहां काम करने वाले प्रवासी भारतीयों पर पड़ रहा है। लगातार हमलों के कारण सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और हवाई यात्रा पर भी असर देखा गया है।
- UAE: पिछले 24 घंटों में 6 बैलिस्टिक मिसाइल और 21 ड्रोन को रास्ते में ही रोक दिया गया है। Dubai Airport पर एक ड्रोन से जुड़ी घटना के कारण फ्यूल टैंक में आग लग गई थी, हालांकि अब फ्लाइट्स धीरे-धीरे फिर से शुरू हो रही हैं।
- सऊदी अरब: देश के पूर्वी इलाके में मौजूद बड़े तेल कारखानों की तरफ आ रहे 35 ईरानी ड्रोन को नष्ट किया गया है।
- ईरान: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने चेतावनी दी है कि वे ऊर्जा से जुड़े ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई करेंगे और Strait of Hormuz अभी भी उनके नियंत्रण में है।
अमेरिका और इस युद्ध का आगे का प्लान क्या है?
Donald Trump ने बताया है कि अमेरिका ने अब तक ईरान में 7,000 से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया है। पेंटागन के अनुसार उन्होंने ईरान के ऊपर हवाई नियंत्रण हासिल कर लिया है। अमेरिका का दावा है कि ईरान की 90 प्रतिशत बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता खत्म हो चुकी है। फिर भी ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अभी सबसे बड़ा हमला होना बाकी है।
Strait of Hormuz को सुरक्षित करने के लिए अमेरिका एक अंतरराष्ट्रीय गठबंधन बना रहा है। इस युद्ध के कारण दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई है जिसका सीधा असर आने वाले दिनों में आम आदमी की जेब पर पड़ेगा। सऊदी अरब के प्रिंस तुर्की अल-फैसल ने इस युद्ध को गैर-जरूरी बताया है और कहा है कि अमेरिका इसमें बेवजह खींचा गया है।




