ईरान ने दी बड़ी चेतावनी, मिडिल ईस्ट में अमेरिकी इंडस्ट्रियल साइट्स के पास रहने वालों को तुरंत जगह खाली करने का आदेश
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने मिडिल ईस्ट में स्थित अमेरिकी इंडस्ट्रियल साइट्स को निशाना बनाने की चेतावनी दी है। रॉयटर्स और अन्य मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने इन सुविधाओं के आसपास रहने वाले आम नागरिकों और कामगारों से अपील की है कि वे अपनी सुरक्षा के लिए तुरंत इन इलाकों को खाली कर दें। यह घोषणा आने वाले कुछ ही घंटों में संभावित हमलों का सीधा संकेत दे रही है।
ईरान की तरफ से क्या आदेश जारी किया गया है?
ईरान की एलीट सेना IRGC ने एक सार्वजनिक बयान जारी कर कहा है कि जिन औद्योगिक ठिकानों (industrial facilities) में अमेरिका की हिस्सेदारी है, उन्हें जल्द ही निशाना बनाया जा सकता है।
- ईरान ने साफ तौर पर कहा है कि मिडिल ईस्ट में जहाँ भी अमेरिकी कंपनियों या जॉइंट वेंचर का निवेश है, उन जगहों पर हमला हो सकता है।
- इन इलाकों के आसपास रहने वाले स्थानीय लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा गया है।
- माना जा रहा है कि इसमें मुख्य रूप से तेल और ऊर्जा (oil and energy) से जुड़ी बड़ी साइट्स शामिल हो सकती हैं।
खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों और कामगारों के लिए भी यह अपडेट महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस पूरे क्षेत्र में कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के प्रोजेक्ट चल रहे हैं जहां बड़ी संख्या में प्रवासी काम करते हैं।
इस नए तनाव का मुख्य कारण क्या है?
यह नई चेतावनी अमेरिका द्वारा ईरान के ठिकानों पर हाल ही में किए गए हमलों के ठीक बाद आई है। कुछ समय पहले अमेरिकी सेना ने ईरान के खार्ग द्वीप (Kharg Island) और अन्य रक्षा सुविधाओं पर हवाई हमले किए थे। खार्ग द्वीप को ईरान का मुख्य तेल टर्मिनल माना जाता है।
इन हमलों के बाद ईरान के अधिकारियों ने स्पष्ट किया था कि अगर उनके तेल और ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर पर किसी भी तरह का हमला होता है, तो उसका करारा जवाब दिया जाएगा। इसी कड़ी में अब ईरान ने अमेरिकी हितों से जुड़ी क्षेत्रीय सुविधाओं पर जवाबी कार्रवाई करने की तैयारी की है। फिलहाल मिडिल ईस्ट के हालात को देखते हुए संबंधित देशों में सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।




