Trump vs Iran: ट्रंप ने किया ईरान की सैन्य हार का दावा, Strait of Hormuz के लिए NATO और चीन से मांगी मदद
अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 20 मार्च 2026 को बड़ा बयान देते हुए कहा है कि अमरीका ने ईरान को सैन्य मोर्चे पर पूरी तरह हरा दिया है। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की नौसेना, वायु सेना और हवाई सुरक्षा को भारी नुकसान पहुँचाया गया है। इसके साथ ही उन्होंने NATO, चीन और जापान जैसे देशों से Strait of Hormuz की सुरक्षा में मदद करने की अपील की है ताकि वैश्विक तेल व्यापार और ऊर्जा सप्लाई पर कोई बुरा असर न पड़े।
Strait of Hormuz की सुरक्षा पर क्या बोले ट्रंप?
ट्रंप ने जोर देकर कहा कि दुनिया के कई देश अपनी तेल जरूरतों के लिए Strait of Hormuz के रास्ते पर निर्भर हैं। उन्होंने NATO देशों की आलोचना करते हुए उन्हें डरपोक बताया क्योंकि वे शुरुआत में सेना भेजने में संकोच कर रहे थे। ट्रंप ने साफ किया कि अमरीका को खुद इस रास्ते की उतनी जरूरत नहीं है, लेकिन वह चाहते हैं कि दूसरे देश भी अपनी जिम्मेदारी निभाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इस समुद्री मार्ग में बाधा आती है तो पूरी दुनिया के व्यापार पर बुरा असर पड़ेगा। ट्रंप प्रशासन अब ईरान के मुख्य तेल एक्सपोर्ट टर्मिनल Kharg Island की घेराबंदी करने या उस पर कब्जा करने की योजना पर भी विचार कर रहा है।
विभिन्न देशों की प्रतिक्रिया और सैन्य स्थिति क्या है?
क्षेत्र में तनाव को देखते हुए कई बड़े देशों ने अपनी प्रतिक्रिया दी है और सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं। वर्तमान स्थिति को नीचे दी गई तालिका से समझा जा सकता है:
| देश/पक्ष | ताज़ा अपडेट और फैसले |
|---|---|
| United States | हजारों अतिरिक्त Marines और 3 जंगी जहाज मिडिल ईस्ट भेजे जा रहे हैं। |
| United Kingdom | ब्रिटेन ने अमरीका को अपने ठिकानों से ईरानी मिसाइल साइटों पर हमले की अनुमति दी। |
| Iran | सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei ने कहा कि Strait of Hormuz बंद रहेगा। |
| China | चीन ने सभी पक्षों से सैन्य कार्रवाई रोकने और तनाव कम करने की अपील की है। |
| NATO के सहयोगी | फ्रांस, जर्मनी, इटली और जापान समेत 7 देशों ने सुरक्षा में मदद के संकेत दिए हैं। |
इस बीच अमरीकी ट्रेजरी विभाग ने दुनिया भर में तेल की कीमतों को काबू में रखने के लिए अपने रणनीतिक भंडार से और तेल निकालने के संकेत दिए हैं। यूक्रेन के सैन्य विशेषज्ञ भी खाड़ी के पांच देशों को ईरानी ड्रोन हमलों से निपटने में मदद कर रहे हैं। ईरान के विदेश मंत्री ने फिलहाल अमरीका से किसी भी तरह की बातचीत की संभावना को खारिज कर दिया है।




