Iran Energy Strike Update: ट्रंप ने 10 दिन के लिए टाले ईरान पर हमले, $93 पर पहुंचा कच्चे तेल का भाव
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर होने वाले हमलों को अगले 10 दिनों के लिए टालने का फैसला किया है। इस घोषणा के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखी गई और Brent crude गिरकर 93.07 डॉलर पर आ गया है। हमलों पर यह रोक अब 6 अप्रैल 2026 तक बढ़ा दी गई है। हालांकि खाड़ी देशों और ईरान के बीच तनाव अब भी काफी ज्यादा बना हुआ है।
ट्रंप के फैसले और तेल बाजार पर क्या हुआ असर?
अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में जानकारी दी कि ईरान सरकार के अनुरोध पर इस हमले को आगे बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा कि बातचीत के दौरान सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं। हालांकि ईरान ने इस बात से इनकार किया है कि उन्होंने हमलों को टालने का कोई अनुरोध किया था। पाकिस्तान इस पूरे मामले में एक मध्यस्थ के रूप में काम कर रहा है और उसने अमेरिका का 15 सूत्री शांति प्रस्ताव ईरान तक पहुंचाया है।
- Brent crude की कीमत कम होकर 93.07 डॉलर प्रति बैरल के पास पहुंच गई है।
- ईरान ने सद्भावना के रूप में Strait of Hormuz से 10 तेल टैंकरों को गुजरने की अनुमति दी है।
- हमलों पर रोक की नई समय सीमा अब 6 अप्रैल की रात 8 बजे तक है।
- इससे पहले यह रोक 27 मार्च को समाप्त होने वाली थी।
खाड़ी देशों और ईरान में पिछले 24 घंटों की स्थिति
भले ही ऊर्जा ठिकानों पर हमलों को टाला गया है, लेकिन शुक्रवार को इजरायली सेना ने तेहरान और अन्य जगहों पर मिसाइल उत्पादन केंद्रों पर बड़े हमले किए हैं। वहीं ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने भी कुवैत, यूएई और कतर में स्थित सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है। इन घटनाओं का असर खाड़ी में रहने वाले प्रवासियों और व्यापारिक गतिविधियों पर भी देखा जा रहा है।
| स्थान/देश | ताजा घटनाक्रम |
|---|---|
| Kuwait | ड्रोन हमले में मुख्य कमर्शियल पोर्ट को नुकसान पहुंचने की खबर है। |
| Lebanon | बेरूत के दक्षिणी इलाकों में इजरायली वायुसेना ने हमले किए हैं। |
| Switzerland | तनाव को देखते हुए अमेरिका को सैन्य उपकरणों का निर्यात रोक दिया है। | ईरान के परमाणु संयंत्र के पास हुए हमलों पर चिंता जाहिर की है। |
| United Nations | सुरक्षा परिषद शुक्रवार को इस मामले पर एक गुप्त बैठक करेगी। |
| Gulf Countries | मिश्रित हमलों के कारण शेयर बाजारों में उतार-चढ़ाव देखा गया। |




