Trump की शर्तों पर ही खत्म होगा युद्ध, अमेरिकी रक्षा मंत्री Pete Hegseth का बड़ा बयान
अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे सैन्य संघर्ष को लेकर वाशिंगटन से एक बड़ी खबर सामने आई है। पेंटागन के प्रमुख Pete Hegseth ने स्पष्ट कर दिया है कि यह युद्ध केवल राष्ट्रपति Donald Trump की शर्तों पर ही समाप्त होगा। मार्च 31, 2026 को दिए गए इस बयान में उन्होंने बताया कि युद्ध शुरू हुए अभी मात्र एक महीना हुआ है और अमेरिका ने अपनी शर्तें तय कर दी हैं। इस स्थिति का सीधा असर वैश्विक सुरक्षा और मिडिल ईस्ट के हालातों पर पड़ रहा है।
📰: दुबई में मिसाइल का मलबा गिरने से 2 भारतीयों समेत 4 लोग घायल, सुरक्षाबलों ने मार गिराए कई ड्रोन।
क्या अमेरिका ईरान में सत्ता बदलना चाहता है?
पेंटागन प्रमुख Pete Hegseth ने बताया कि यह कोई सत्ता परिवर्तन वाला युद्ध नहीं है, लेकिन सैन्य कार्रवाई के दौरान ईरान की स्थिति में काफी बदलाव आया है। अमेरिकी सेना का मुख्य लक्ष्य ईरान के मिसाइल खतरों को जड़ से खत्म करना और उसकी नौसेना की ताकत को समाप्त करना है। राष्ट्रपति Donald Trump ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा है कि अन्य देश इस युद्ध में अमेरिका और इजरायल का साथ नहीं दे रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर कोई समझौता नहीं होता है, तो ईरान के नागरिक ऊर्जा और पानी के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया जा सकता है।
खाड़ी देशों और तेल की कीमतों पर क्या होगा इसका प्रभाव?
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव Karoline Leavitt ने जानकारी दी है कि जैसे ही ईरान के साथ यह युद्ध समाप्त होगा, गैस और तेल की कीमतों में भारी गिरावट देखने को मिलेगी। अमेरिकी प्रशासन का मुख्य उद्देश्य ऊर्जा के क्षेत्र में अपनी ताकत को बढ़ाना है। इस युद्ध का असर खाड़ी देशों में रह रहे प्रवासियों पर भी पड़ रहा है, विशेषकर कुवैत में जहां अमेरिकी सैनिकों के नुकसान की खबरें आई हैं। सैन्य अधिकारियों का मानना है कि आने वाले समय में चुनौती और बढ़ सकती है और लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए और भी प्रयास करने होंगे।
- अमेरिकी सेना का लक्ष्य ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना है
- युद्ध की शुरुआत ईरान द्वारा वैश्विक स्तर पर अमेरिकी हितों को निशाना बनाने के बाद हुई थी
- सैन्य अभियान में अब तक ईरान के शीर्ष नेतृत्व को काफी नुकसान पहुंचा है
- कुवैत और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है
- राष्ट्रपति Trump ने स्पष्ट किया है कि लंबी लड़ाई या किसी देश के निर्माण में अमेरिका की रुचि नहीं है




