Trump का बड़ा ऐलान: ईरान के हारने तक नहीं रुकेंगे, सऊदी में हमला और तेल की कीमतों में भारी उछाल
अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने साफ कहा है कि जब तक ईरान पूरी तरह से हार नहीं मान लेता, तब तक अमेरिका का अभियान रुकने वाला नहीं है। इस बीच खाड़ी क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है और सऊदी अरब के तेल क्षेत्रों को निशाना बनाने की कोशिश की गई है। इस स्थिति को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखी जा रही है।
सऊदी अरब में ड्रोन हमले और आम नागरिकों पर क्या असर हुआ?
सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि Shaybah Oil Field को निशाना बनाने के लिए भेजे गए तीन ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया गया। हालांकि Al-Kharj के एक रिहायशी इलाके में प्रोजेक्टाइल गिरने से एक दुखद हादसा हुआ। इस घटना में दो नागरिकों की मौत हो गई है जिनकी पहचान बांग्लादेशी प्रवासियों के रूप में हुई है और 11 अन्य लोग घायल हुए हैं। सऊदी विदेश मंत्रालय ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है और देश की संप्रभुता की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाने की बात कही है।
तेल की बढ़ती कीमतें और ईरान की नई स्थिति क्या है?
मिडिल ईस्ट में जारी इस जंग का असर सीधे तौर पर आम आदमी की जेब पर पड़ने वाला है। 9 मार्च 2026 को कच्चे तेल की कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई हैं। कतर ने भी सुरक्षा कारणों से अपनी गैस सप्लाई रोक दी है जिससे दुनिया भर के ऊर्जा बाजार में हड़कंप मच गया है। ईरान में भी सत्ता परिवर्तन हुआ है और Mojtaba Khamenei को नया सुप्रीम लीडर नियुक्त किया गया है।
| मुख्य अपडेट | महत्वपूर्ण जानकारी |
|---|---|
| कच्चा तेल | कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंची |
| गैस सप्लाई | यूरोप में नेचुरल गैस के दाम 39 प्रतिशत तक बढ़े |
| G7 देशों का कदम | बाजार को संभालने के लिए 400 मिलियन बैरल तेल छोड़ने पर विचार |
| इजरायल का अल्टीमेटम | लेबनान में मौजूद ईरानियों को 24 घंटे में देश छोड़ने को कहा |
| ईरान में बदलाव | Mojtaba Khamenei बने तीसरे सुप्रीम लीडर |
सऊदी अरब में रहने वाले प्रवासियों के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी किया गया है। खासकर सीमावर्ती इलाकों और तेल क्षेत्रों के पास रहने वाले लोगों को सावधान रहने की सलाह दी गई है। अमेरिका और इजरायल के सख्त रुख के बाद अब खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।




