ट्रंप ने ईरान के खिलाफ युद्ध जारी रखने का किया ऐलान, दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतों में आया उछाल
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के साथ चल रहे संघर्ष को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने अपने राष्ट्र के नाम संबोधन में साफ किया कि अमेरिका ईरान पर हमले जारी रखेगा और आने वाले कुछ हफ्तों में सैन्य कार्रवाई और तेज की जाएगी। इस घोषणा के बाद से ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल यानी Oil की कीमतों में भारी उछाल देखा जा रहा है। इसका सीधा असर खाड़ी देशों के व्यापार और वहां रह रहे प्रवासियों पर पड़ सकता है क्योंकि प्रमुख समुद्री रास्ते फिलहाल बंद हैं।
🚨: Abu Dhabi में मिसाइल हमला नाकाम, KEZAD इलाके में मामूली नुकसान और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट।
ट्रंप के संबोधन और अमेरिका की नई रणनीति की बड़ी बातें
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने भाषण में कई कड़े रुख अपनाए हैं जो वैश्विक राजनीति और तेल बाज़ार को प्रभावित कर रहे हैं। उन्होंने साफ किया कि भले ही अमेरिका के सैन्य लक्ष्य पूरे होने के करीब हैं, लेकिन वे ईरान को भारी नुकसान पहुंचाना जारी रखेंगे।
- ट्रंप ने दावा किया कि ईरान युद्धविराम चाहता है, लेकिन अमेरिका Strait of Hormuz खुलने तक इसे नहीं मानेगा।
- उन्होंने NATO सहयोगियों से नाराजगी जताई और गठबंधन से हटने के संकेत दिए हैं।
- ट्रंप ने तेल पर निर्भर देशों से कहा कि वे खुद अपने तेल की सुरक्षा की जिम्मेदारी लें या अमेरिका से तेल खरीदें।
- अमेरिका ने अब तक ईरान के कई ठिकानों और जहाजों पर बड़े हवाई हमले किए हैं।
ईरान का जवाब और वर्तमान युद्ध की स्थिति
ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति के दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। ईरान के विदेश मंत्रालय का कहना है कि उन्होंने किसी भी प्रकार की बातचीत या युद्धविराम की पेशकश नहीं की है। वहां की सरकार का कहना है कि अमेरिका पर उनका भरोसा शून्य है और वे अपनी रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार हैं। युद्ध के कारण मध्य पूर्व के कई देशों में अलर्ट जारी है और विमानों की आवाजाही पर भी असर पड़ा है।
| विवरण | ताज़ा आंकड़े |
|---|---|
| ईरानी ठिकानों पर अमेरिकी हमले | 12,300 से अधिक |
| क्षतिग्रस्त या नष्ट हुए जहाज | 155 से ज्यादा |
| कुल अमेरिकी लड़ाकू उड़ानें | लगभग 13,000 |
| Strait of Hormuz की स्थिति | बंद (Block) |
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री Keir Starmer ने इस तनाव को कम करने के लिए 35 देशों की एक मीटिंग बुलाई है। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य Strait of Hormuz को फिर से खुलवाना है ताकि दुनिया भर में तेल की सप्लाई सामान्य हो सके। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए यह स्थिति चिंताजनक है क्योंकि युद्ध का असर उड़ानों और क्षेत्रीय सुरक्षा पर सीधा पड़ रहा है।




