Trump on Oil: डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान, सहयोगियों से कहा या तो अमेरिका से तेल खरीदें या खुद जाकर खाड़ी से छीन लें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया के मित्र देशों को एक कड़ा संदेश जारी किया है। उन्होंने साफ कर दिया है कि अमेरिका अब होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तेल की सुरक्षा के लिए खड़ा नहीं रहेगा। ट्रंप ने सहयोगियों से कहा कि उनके पास दो ही विकल्प हैं, या तो वे अमेरिका से तेल खरीदें या फिर खुद जाकर खाड़ी से अपना तेल हासिल करें। यह बयान मंगलवार 31 मार्च 2026 को सामने आया है।
👉: UAE President और कतर के अमीर की मुलाकात, क्षेत्रीय सुरक्षा और बढ़ते तनाव पर हुई अहम चर्चा।
ट्रंप ने सहयोगियों को क्यों दी यह सलाह?
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि सहयोगियों को अब खुद के लिए लड़ना सीखना होगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास तेल का भंडार काफी है और मित्र देश वहां से खरीदारी कर सकते हैं। ट्रंप ने पुरानी बातों को याद दिलाते हुए कहा कि जैसे सहयोगी देश मुश्किल समय में अमेरिका के साथ नहीं थे, वैसे ही अब अमेरिका भी उनकी मदद के लिए वहां नहीं रहेगा। उनके अनुसार ईरान की शक्ति काफी हद तक कम कर दी गई है और अब बाकी काम मित्र देशों को खुद करना चाहिए।
मौजूदा तनाव और तेल संकट की स्थिति क्या है?
ईरान में चल रहे युद्ध के कारण होर्मुज की खाड़ी का रास्ता बंद होने की कगार पर है, जिससे पूरी दुनिया में तेल की सप्लाई पर असर पड़ा है। इस मुद्दे से जुड़ी कुछ बड़ी बातें इस प्रकार हैं:
- ईरान की जवाबी कार्रवाई और सैन्य हमलों के कारण होर्मुज का रास्ता बंद माना जा रहा है।
- फ्रांस ने अमेरिकी सैन्य सप्लाई ले जाने वाले विमानों को अपना हवाई क्षेत्र देने से मना कर दिया है।
- दुबई के पास कुवैत के एक तेल टैंकर पर हमला हुआ, जिससे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा की चिंता बढ़ गई है।
- ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बढ़ती ऊर्जा कीमतों और आर्थिक प्रभाव को लेकर एक विशेष संकट बैठक करने वाले हैं।
- चीन के तीन जहाजों ने हाल ही में इस तनावपूर्ण समुद्री रास्ते को पार किया है।
अमेरिकी प्रशासन और सैन्य अधिकारियों का रुख क्या है?
अमेरिकी सैन्य अधिकारी लगातार ईरान के ठिकानों को निशाना बनाने की जानकारी दे रहे हैं। इस पूरे मामले में विभिन्न अधिकारियों की भूमिका और बयान नीचे दी गई टेबल में देखे जा सकते हैं:
| नाम और पद | मुख्य जानकारी |
|---|---|
| डोनाल्ड ट्रंप (राष्ट्रपति) | ईरान के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की चेतावनी दी। |
| पीटे हेगसेथ (रक्षा सचिव) | ब्रिटेन को युद्धपोत न भेजने पर फटकार लगाई और सहयोग की मांग की। |
| जनरल डैन केन | ईरान के 11,000 से ज्यादा सैन्य ठिकानों को नष्ट करने का दावा किया। |
| UAE रक्षा मंत्रालय | ईरान की ओर से आने वाली मिसाइलों और ड्रोनों से बचाव की पुष्टि की। |




