Trump का बड़ा बयान, सिर्फ 1 घंटे में तबाह कर देंगे Iran के पावर स्टेशन, खाड़ी देशों में बढ़ा तनाव
16 मार्च 2026 को Saudi News और अन्य अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के एक बड़े बयान की जानकारी दी। ट्रंप ने कहा है कि अमेरिकी सेना सिर्फ 1 घंटे के अंदर ईरान के सभी पावर स्टेशन और बिजली व्यवस्था को पूरी तरह से तबाह कर सकती है। यह चेतावनी ‘Operation Epic Fury’ के तीसरे हफ्ते में आई है, जो 28 फरवरी से अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच चल रहा है। इस माहौल का सीधा असर खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों और व्यापार पर पड़ रहा है।
क्या है अमेरिका की तैयारी और ईरान का जवाब
Trump ने साफ कर दिया है कि अमेरिका बिना शर्त सरेंडर से कम कुछ भी नहीं मानेगा। उन्होंने कहा कि अगर ईरान ने सहयोग नहीं किया, तो उनके पावर स्टेशनों को पूरी तरह से नष्ट कर दिया जाएगा। इसके जवाब में ईरान के वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी Ali Larijani ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
- Ali Larijani ने कहा कि अगर बिजली काटी गई, तो पूरे क्षेत्र में अंधेरा छा जाएगा जिसका फायदा उठाकर अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाया जाएगा।
- ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने भी किसी भी तरह के युद्धविराम से इनकार किया है।
- हाल ही में 1 मार्च 2026 को सुप्रीम लीडर Ali Khamenei के निधन के बाद Mojtaba Khamenei ने कमान संभाली है और उनके नेतृत्व में ईरान पीछे हटने को तैयार नहीं है।
खाड़ी देशों और प्रवासियों पर क्या पड़ रहा है असर
इस सैन्य अभियान का असर खाड़ी देशों के व्यापार और वहां काम करने वाले आम लोगों पर साफ देखा जा रहा है। Strait of Hormuz के बंद होने से समुद्री रास्ते से होने वाला व्यापार बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
- इस तनाव के कारण करीब 147 बड़े कंटेनर जहाज बीच समुद्र में फंसे हुए हैं।
- ड्रोन हमलों के कारण ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे QatarEnergy ने अपने कुछ LNG कॉन्ट्रैक्ट्स पर ‘फोर्स मेजर’ (Force Majeure) लागू कर दिया है।
- अमेरिका का मुख्य लक्ष्य ईरान की मिसाइल और नेवी को तबाह करना है ताकि समुद्री रास्तों को सुरक्षित रखा जा सके।
खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीय और अन्य प्रवासियों के लिए यह स्थिति चिंताजनक हो सकती है क्योंकि शिपिंग रुकने से जरूरी सामानों की सप्लाई पर सीधा असर पड़ता है।




