Trump की धमकी पर ईरान का पलटवार, बोले अगर लड़ोगे तो हम भी लड़ेंगे, Strait of Hormuz को लेकर बढ़ी टेंशन
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब चरम पर पहुँच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump की धमकियों पर ईरान के पार्लियामेंट स्पीकर Ghalibaf ने कड़ा जवाब दिया है। उन्होंने साफ कहा है कि ट्रंप की धमकियों का ईरानी जनता पर कोई असर नहीं होगा और देश किसी भी दबाव में नहीं झुकेगा। दुनिया की नजरें अब इस बात पर हैं कि यह विवाद युद्ध की तरफ बढ़ता है या बातचीत से हल होता है।
Trump ने ईरान को क्या चेतावनी दी है?
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने Truth Social पर एक पोस्ट के जरिए ईरान को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि अगर ईरान ने Strait of Hormuz को फिर से नहीं खोला, तो अमेरिका उनके पावर प्लांट और पुलों पर बड़ा सैन्य हमला करेगा। ट्रंप ने इस काम के लिए एक डेडलाइन भी तय की है। उन्होंने संकेत दिया कि अगर जल्द ही कोई समझौता नहीं हुआ, तो ऊर्जा केंद्रों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया जाएगा।
ईरान के अधिकारियों का इस पर क्या कहना है?
ईरान के अलग-अलग अधिकारियों ने अमेरिका की धमकियों को सिरे से खारिज कर दिया है। इस मामले में मुख्य बयान नीचे दी गई टेबल में दिए गए हैं:
| व्यक्ति/संस्था | मुख्य बयान |
|---|---|
| Mohammad Bagher Ghalibaf | धमकियों का कोई असर नहीं होगा, अगर अमेरिका लड़ाई करेगा तो हम भी लड़ेंगे। |
| Shahram Irani (नेवी चीफ) | Strait of Hormuz की नाकेबंदी की धमकी बेहद मजाकिया और बेतुकी है। |
| IRGC (गार्ड कोर) | Strait of Hormuz पर ईरान का कंट्रोल है, किसी भी सैन्य जहाज से सख्ती से निपटा जाएगा। |
| Ghalibaf (अतिरिक्त) | अमेरिका को नेत्रयाहू के आदेश मानना बंद करना चाहिए, वरना अमेरिकी परिवार मुसीबत में पड़ेंगे। |
इस विवाद की मुख्य वजह और अब तक क्या हुआ?
यह पूरा संकट फरवरी 2028, 2026 को शुरू हुए युद्ध के बाद और गहरा गया है। इससे पहले जून 2025 में ईरान के परमाणु केंद्रों पर हमले हुए थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, शुरुआती हमलों में सुप्रीम लीडर Ayatollah Ali Khamenei की मौत हो गई थी, जिससे पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव फैल गया।
हाल ही में पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता हुई थी, लेकिन वह बिना किसी नतीजे के खत्म हो गई। इसके बाद ईरान ने Strait of Hormuz को ब्लॉक कर दिया, जिससे दुनिया भर में तेल और गैस की किल्लत हो गई और कीमतें बढ़ने लगीं।




