Trump ने Iran को दी 48 घंटे की चेतावनी, Strait of Hormuz न खुलने पर बिजली घरों को उड़ाने की धमकी
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को एक बड़ा अल्टीमेटम देते हुए 48 घंटे की मोहलत दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर ईरान ने Strait of Hormuz को जहाजों की आवाजाही के लिए पूरी तरह नहीं खोला, तो अमेरिका उनके पावर प्लांट्स पर जोरदार हमला करेगा। इस घोषणा के बाद पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ गया है और खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों के बीच चिंता का माहौल है। यह डेडलाइन सोमवार, 23 मार्च 2026 को खत्म हो रही है।
Trump की चेतावनी और ईरान का जवाबी हमला क्या है?
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि अगर Strait of Hormuz को बिना किसी शर्त के नहीं खोला गया, तो अमेरिकी सेना ईरान के ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाएगी। इसके जवाब में ईरान के सैन्य अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि वे जलडमरूमध्य को पूरी तरह बंद कर देंगे। ईरान ने यह भी कहा है कि अगर उन पर हमला हुआ, तो वे पूरे क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों और उनसे जुड़े देशों के बिजली घरों और पानी साफ करने वाले (Desalination) प्लांट को तबाह कर देंगे। इससे खाड़ी के कई देशों में ब्लैकआउट का खतरा पैदा हो सकता है।
खाड़ी देशों और आम जनता पर इसका क्या असर होगा?
- Strait of Hormuz बंद होने से वैश्विक तेल आपूर्ति ठप हो सकती है जिससे पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ेंगे।
- UAE और Bahrain जैसे देशों ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था को अलर्ट पर रखा है।
- ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों ने इजरायल के अराद और डिमोना शहरों में नुकसान पहुंचाया है।
- G7 देशों ने ईरान के इन कदमों की निंदा की है और समुद्री रास्तों की सुरक्षा का वादा किया है।
- भारतीय प्रवासियों के लिए सुरक्षा की स्थिति चुनौतीपूर्ण हो सकती है क्योंकि व्यापारिक रास्ते प्रभावित हो रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की प्रतिक्रिया और मौजूदा स्थिति
IAEA और WHO जैसी संस्थाओं ने इस युद्ध को खतरनाक स्तर पर बताया है। परमाणु केंद्रों के पास बढ़ते हमलों को लेकर अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने चिंता जताई है ताकि किसी बड़े परमाणु हादसे को रोका जा सके। फिलहाल तुर्की और मिस्र जैसे देश कूटनीतिक रास्तों से इस तनाव को कम करने की कोशिश कर रहे हैं। अमेरिकी सरकार ने तेल की बढ़ती कीमतों को देखते हुए ईरानी तेल पर लगे कुछ प्रतिबंधों में ढील भी दी है ताकि ग्लोबल मार्केट में सप्लाई बनी रहे।




