Trump का ईरान को कड़ा अल्टीमेटम, बोले आज रात खत्म हो सकती है सभ्यता, अमेरिका ने खार्ग आइलैंड पर किया हमला.
अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा तनाव अब बहुत खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट साझा करते हुए चेतावनी दी है कि अगर ईरान समय रहते समझौता नहीं करता है, तो आज रात एक पूरी सभ्यता खत्म हो सकती है. इसी बीच अमेरिकी सेना ने ईरान के महत्वपूर्ण तेल निर्यात केंद्र खार्ग आइलैंड पर हवाई हमले किए हैं. खाड़ी देशों में रहने वाले लाखों प्रवासियों के लिए यह खबर बड़ी चिंता का विषय है क्योंकि इससे पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था पर सीधा असर पड़ सकता है.
ईरान और अमेरिका के बीच ताजा सैन्य अपडेट क्या है?
अमेरिकी सेना ने ईरान के खार्ग आइलैंड पर मौजूद सैन्य ठिकानों, स्टोरेज सुविधाओं और एयर डिफेंस सिस्टम पर दोबारा हमले किए हैं. अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, ये हमले उन ठिकानों को बर्बाद करने के लिए थे जो पहले भी निशाने पर रहे थे. ईरान की सरकारी मीडिया ने भी खार्ग आइलैंड पर धमाकों की पुष्टि की है और बताया है कि हमलों की वजह से कुछ नागरिक बुनियादी ढांचों जैसे रेल पुलों को भी नुकसान हुआ है. इन हमलों के बाद ईरान में अफरातफरी का माहौल है और कम से कम 15 लोगों के मारे जाने की खबर मिली है.
ट्रंप की चेतावनी और ईरान की जवाबी कार्रवाई
| प्रमुख बिंदु | विवरण |
|---|---|
| ट्रंप की समय सीमा | ट्रंप ने मंगलवार रात 8 बजे (ईस्टर्न टाइम) तक समझौता करने का समय दिया है. |
| ईरान की धमकी | IRGC ने कहा है कि अगर अमेरिका ने रेड लाइन पार की, तो हमला क्षेत्र के बाहर तक जाएगा. |
| नागरिकों को चेतावनी | इज़राइल ने ईरानियों को रेलवे लाइनों और ट्रेनों से दूर रहने की सलाह दी है. |
| ईरान की मांग | ईरान ने हमलों को तुरंत रोकने और नुकसान के लिए मुआवजे की मांग की है. |
प्रवासियों और तेल बाजार पर पड़ने वाला असर
अगर अमेरिका और ईरान के बीच यह संघर्ष बढ़ता है, तो इसका सबसे बड़ा असर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर पड़ेगा, जहां से दुनिया का बड़ा तेल निर्यात होता है. ईरान ने साफ तौर पर कहा है कि वह लंबे समय तक तेल और गैस की आपूर्ति बाधित कर सकता है. कुवैत, सऊदी अरब और यूएई में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए यह स्थिति चिंताजनक है क्योंकि उड़ानों पर रोक और तेल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की संभावना है. फ्रांस जैसे देशों ने भी अपील की है कि नागरिक ठिकानों को निशाना न बनाया जाए ताकि संघर्ष को बड़े क्षेत्रीय युद्ध में बदलने से रोका जा सके.




