UAE ने ईरान में दूतावास किया बंद, सऊदी अरब ने प्रवासियों के लिए जारी किए नए श्रम नियम
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने तेहरान में अपना दूतावास बंद कर दिया है और अपने सभी राजनयिकों को ईरान से वापस बुला लिया है। यह फैसला ईरान द्वारा दुबई और अबू धाबी पर किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद लिया गया है। इस क्षेत्रीय तनाव के बीच सऊदी अरब ने भी प्रवासियों के लिए नए श्रम नियमों और संपत्ति खरीदने के कानूनों की घोषणा की है, जिसका सीधा असर वहां काम कर रहे लाखों भारतीयों और अन्य विदेशी नागरिकों पर पड़ेगा।
UAE और ईरान के बीच तनाव की ताज़ा स्थिति
ईरान की ओर से शनिवार 28 फरवरी 2026 को दुबई और अबू धाबी पर बड़े मिसाइल हमले किए गए। UAE रक्षा मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार कुल 660 से ज्यादा प्रोजेक्टाइल दागे गए, जिनमें 165 बैलिस्टिक मिसाइलें शामिल थीं। इन हमलों में पाकिस्तान, नेपाल और बांग्लादेश के 3 से 4 नागरिकों की मौत हुई है और करीब 60 लोग घायल हुए हैं। दुबई और अबू धाबी के मुख्य हवाई अड्डों पर उड़ानों को आंशिक रूप से निलंबित कर दिया गया है। शेयर बाजार में कारोबार को भी मंगलवार 3 मार्च 2026 तक के लिए रोक दिया गया है।
सऊदी अरब में प्रवासियों के लिए बदले ये नियम
सऊदी अरब ने श्रम बाजार और प्रवासियों के अधिकारों को लेकर कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। अब जनरल मैनेजर का पद पूरी तरह से सऊदी नागरिकों के लिए आरक्षित कर दिया गया है। इसके अलावा सेल्स और मार्केटिंग जैसे क्षेत्रों में 60 प्रतिशत सऊदीकरण का लक्ष्य रखा गया है। प्रवासियों को अब सऊदी अरब में एक रिहायशी घर खरीदने की अनुमति दी गई है, हालांकि मक्का और मदीना जैसे पवित्र शहरों में पुरानी पाबंदियां लागू रहेंगी। व्यावसायिक और औद्योगिक संपत्तियों को अब किसी भी शहर में खरीदा जा सकता है।
श्रम कानून और नए जुर्माने की सूची
| नियम का विषय | नया प्रावधान और जुर्माना |
|---|---|
| पासपोर्ट रखना | बिना सहमति पासपोर्ट रखने पर 3,000 रियाल जुर्माना |
| अनधिकृत भर्ती | बिना परमिट कर्मचारी रखने पर 10,000 रियाल जुर्माना |
| वेतन विवाद | Najiz पोर्टल के जरिए सीधे शिकायत दर्ज करने की सुविधा |
| न्यूनतम वेतन | कोटा के लिए 5,500 से 8,000 रियाल वेतन जरूरी |
| प्रोबेशन पीरियड | अनुबंध में अधिकतम 180 दिन की समय सीमा |
| संपत्ति अधिकार | देशभर में एक आवासीय यूनिट खरीदने की छूट |
सऊदी अरब में 6 मार्च 2026 से एकीकृत रोजगार अनुबंध का दूसरा चरण शुरू हो रहा है। इसके तहत सभी निश्चित अवधि के कर्मचारियों को कवर किया जाएगा। कंपनियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रवासियों के इकामा या पासपोर्ट को उनकी मर्जी के बिना अपने पास न रखें। इन नियमों का उद्देश्य श्रम बाजार में पारदर्शिता लाना और प्रवासियों के हितों की रक्षा करना है।




