UAE सरकार का कड़ा रुख, स्कूलों और अस्पतालों पर हमलों को बताया अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री H.H. Sheikh Abdullah bin Zayed Al Nahyan ने क्षेत्र में नागरिक सुविधाओं और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाए जाने की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने साफ कहा कि स्कूलों, अस्पतालों और बिजली घरों जैसे आम ठिकानों पर हमले करना या उन्हें धमकी देना अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन है। इन घटनाओं की वजह से न केवल मासूम लोगों की जान जा रही है, बल्कि लाखों लोग डर के साये में रहने को मजबूर हैं।
किन नागरिक सुविधाओं को निशाना बनाने पर जताई गई आपत्ति?
H.H. Sheikh Abdullah bin Zayed ने अपने बयान में उन जगहों का जिक्र किया है जिन्हें युद्ध या संघर्ष के दौरान सुरक्षित रखा जाना चाहिए। उनके अनुसार इन जगहों पर हमला करना किसी भी हाल में जायज नहीं है:
- स्कूल और विश्वविद्यालय: शिक्षा संस्थानों को निशाना बनाना बच्चों के भविष्य और सुरक्षा के खिलाफ है।
- अस्पताल और चिकित्सा केंद्र: बीमारों और घायलों के इलाज वाली जगहों पर हमले को स्वीकार नहीं किया जा सकता।
- Desalination plants और ऊर्जा केंद्र: पानी साफ करने वाले प्लांट और बिजली घरों जैसे जरूरी ठिकानों को नुकसान पहुंचाना।
- ट्रांसपोर्ट और रिहायशी इलाके: आम लोगों के आने-जाने के साधन और रहने वाली कॉलोनियों पर हमला।
अंतरराष्ट्रीय कानून और UAE का आधिकारिक रुख क्या है?
UAE सरकार ने स्पष्ट किया है कि नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमले अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के स्थापित सिद्धांतों के खिलाफ हैं। इस तरह की कार्रवाइयों को किसी भी तर्क से सही नहीं ठहराया जा सकता है। UAE अपनी विदेश नीति के तहत हमेशा से संघर्षों के दौरान नागरिकों और नागरिक वस्तुओं की सुरक्षा की वकालत करता रहा है। WAM (Emirates News Agency) द्वारा जारी इस बयान में कहा गया है कि इन हमलों से पूरे क्षेत्र में अस्थिरता पैदा होती है और आम आदमी की जिंदगी पर बुरा असर पड़ता है।




