UAE Fake News Crackdown: UAE में ईरान मामले पर फेक न्यूज़ फैलाने वाले 35 गिरफ्तार, सबसे ज्यादा 19 भारतीय प्रवासियों पर गिरी गाज
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में ईरान और क्षेत्रीय तनाव के मामले में फेक न्यूज़ फैलाने वालों पर बड़ी कार्रवाई की गई है। 18 मार्च 2026 तक सामने आई आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार कुल 35 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसमें सबसे बड़ी संख्या भारतीय प्रवासियों की है। कुल गिरफ्तार लोगों में 19 भारतीय नागरिक शामिल हैं जिन पर फास्ट-ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाया जाएगा।
किन कारणों से हुई प्रवासियों की गिरफ्तारी?
UAE के अटॉर्नी जनरल डॉ. हमद सैफ अल शम्सी ने बताया कि आरोपियों को उनके सोशल मीडिया एक्टिविटी के आधार पर तीन हिस्सों में बांटा गया है। इन लोगो ने अलग अलग तरीके से सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने का काम किया।
- असली वीडियो के साथ छेड़छाड़: कुछ लोगों ने मिसाइल रोके जाने के असली वीडियो में सायरन और धमाकों की आवाज डालकर लोगों में दहशत फैलाने का काम किया।
- AI वीडियो बनाना: कुछ आरोपियों ने Artificial Intelligence (AI) का इस्तेमाल करके UAE की मशहूर जगहों पर हमले और आग लगने के झूठे वीडियो बनाए। इनमे झंडे और तारीख लगाकर इन्हें असली दिखाने की कोशिश की गई।
- दुश्मन की तारीफ: ऐसे लोग भी पकड़े गए हैं जिन्होंने सोशल मीडिया पर दुश्मन की हरकतों को सही ठहराया और उनकी तारीफ में पोस्ट किए जिससे राष्ट्रीय हितों को नुकसान पहुंचा।
फेक न्यूज़ फैलाने पर क्या है सजा का नियम?
UAE में अफवाह और साइबर अपराध रोकने के लिए बनाए गए कानून (Federal Decree-Law No. 34 of 2021) के तहत यह कार्रवाई हो रही है। इस कानून के तहत अपराध साबित होने पर कड़ी सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान रखा गया है।
- नियम के अनुसार कम से कम 1 साल की जेल और 100,000 दिरहम (करीब 22.6 लाख रुपये) का जुर्माना देना होगा।
- मौजूदा संकट के समय में यह सजा 2 साल की जेल और 200,000 दिरहम तक बढ़ सकती है।
- पकड़े गए सभी 35 लोगों पर फास्ट-ट्रैक यानी तुरंत सुनवाई के आदेश दिए गए हैं जिससे जल्द सजा हो सके।
Indian Embassy ने जारी की सख्त चेतावनी
लगातार भारतीयों की गिरफ्तारी के बाद अबू धाबी स्थित भारतीय दूतावास और दुबई वाणिज्य दूतावास ने एडवाइजरी जारी की है। इसमें सभी प्रवासियों को चेतावनी दी गई है कि किसी भी वीडियो या खबर को शेयर करने से पहले उसकी सच्चाई जान लें। दूतावास ने साफ कहा है कि किसी फर्जी वीडियो को लाइक, कमेंट या ‘री-शेयर’ करना भी UAE कानून के तहत अपराध माना जाएगा। सभी नागरिकों को सिर्फ सरकारी हैंडल्स से मिली जानकारी पर भरोसा करने की सलाह दी गई है।




